जलालाबाद। कस्बे के कृष्णा नदी के तट पर स्थित मंदिर में बुधवार की रात शरारती तत्वों ने तोड़फोड़ की। यही नहीं मूर्ति को भी खंडित कर दिया। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मंदिर के बाहर ही हंगामा किया।
साथ ही धरना देकर भी बैठ गए। जल्द कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया गया।
कस्बे में वाल्मीकि समाज द्वारा मंदिर स्थापित कराया हुआ है। मंदिर के सेवादार रूपचंद ने बताया कि बृहस्पतिवार की सुबह वह मंदिर में पहुंचे तो मंदिर का मुख्य गेट खुला मिला। अंदर जाकर देखा तो मंदिर के शीशे और अन्य सामान में तोड़फोड़ की गई थी। मूर्तियों को खंडित कर फर्श पर डाला गया था। यहीं नहीं, वहां पर आग तक लगाई गई थी। रुपचंद ने मोहल्ले के लोगों को घटना की जानकारी दी। काफी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। वाल्मिकी समाज के लोगों का कहना था कि मंदिर में तोड़फोड़ की यह तीसरी घटना है मगर पुलिस घटना का खुलासा करने में नाकाम है।
सूचना पाते ही विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष प्रदीप पुंडीर, बजरंग दल के बंटी कश्यप, संजय कुमार, उपेंद्र गुप्ता, नीरज विश्वकर्मा, जोगिंद्र सैनी, रोहित आदि मौके पर पहुंचे और शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। जल्द से जल्द मामले के खुलासे की मांग की। इस दौरान लोगों ने मंदिर के पास धरना भी दिया। सूचना पर थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह रावत ओर अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। जल्द कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया गया। खंडित मूर्तियों को हरिद्वार गंगा में विसर्जित करने का निर्णय लिया। विधि विधान से प्राण प्रतिष्ठा के बाद जल्द ही नई मूर्ति स्थापित की जाएगी। तब कहीं जाकर लोग शांत हुए।
इस दौरान प्रमोद वाल्मीकि, सुनील, रविकांत, जतिन, राजकुमार, लखन, अजीत, संदीप, अमरदीप, गौरव, प्रमोद वाल्मीकि, सुनील बाल्मीकि, जतिन वाल्मीकि, रविकांत, राकेश आदि मौजूद रहे।