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मेरठ में पुलिस को खुली चुनौती दे रहे बदमाश, तीन दिन में तीन बड़ी वारदातों को दिया अंजाम

Sat, 06 Mar 2021 04:42 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में बदमाश बेखौफ होकर दिनदहाड़े ही एक के बाद एक वारदात को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस की खामोशी से जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लेकिन, पुलिस है कि अपराधियों पर एक्शन करने की बजाय अपनी नाकामी छिपाने के प्रयास में जुटी है। अपराध नियंत्रण और सुरक्षा के तमाम दावों के बावजूद अपराधी पुलिस को खुली चुनौती दे रहे हैं। ऐसे माहौल में आम जनता की सुरक्षा सवालों के घेरे में है।
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केस 1: मंगलवार रात सोहराब डिपो से चार साल की बच्ची का अपहरण पुलिस के सामने हो गया। आठ घंटे बाद बच्ची लावारिस हालत में मिल गई, लेकिन बदमाशों का अभी तक कोई सुराग नहीं है। नौचंदी पुलिस ने बच्ची का मेडिकल नहीं कराया और उसे गुपचुप तरीके से माता पिता के साथ हरदोई भेज दिया। एसपी देहात मामले की जांच कर रहे हैं।

केस 2: माधवपुरम सेक्टर-एक में भरे बाजार में बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां चलाई, जिसमें एक छात्रा कोमल मिश्रा को गोली लग गई। यह वारदात माधवपुरम पुलिस चौकी से 100 मीटर की दूरी पर हुई है। इस घटना को लेकर व्यापारियों में पुलिस के प्रति बेहद नाराजगी है। 48 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस बदमाशों को गिरफ्तार नहीं कर पाई। यह वारदात सरे शाम भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई है।
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केस 3: तीसरी घटना: मथुरा में तैनात दरोगा वीरपाल सिंह की पत्नी सोनम के साथ बृहस्पतिवार को सोहराब डिपो के पास हुई। बदमाशों ने दरोगा की पत्नी को टेंपो में बैठा लिया और गनपॉइंट पर लूट कर ली है। जानकारी मिलने के बाद भी पुलिस गंभीर नहीं है। नौचंदी पुलिस ने इस घटना को लेकर सीसीटीवी फुटेज भी नहीं देखी है।

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केस 4: सोहराब डिपो से हापुड़ अड्डे तक दरोगा की पत्नी सोनम के सिर पर मौत मंडराती रही। कनपटी पर तमंचा तानकर बदमाश महिला को बार-बार गोली मारने की धमकी देते रहे। सवाल उठता कि आखिर सरेशाम पुलिस कहां थी। बदमाशों ने सरेशाम वारदात को अंजाम दे दिया। इसके बाद भी पुलिस को भनक तक नहीं लगी। पुलिस बदमाशों का पता लगाने की बजाय घटना छिपाने की कोशिश करती रही।
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गुरुवार शाम सात बजे ही टेंपो चालक सहित पांच बदमाश सोनम को टेंपो में बैठा लेते हैं और फिर गन प्वाइंट पर लेकर लूटपाट कर आसानी से फरार भी हो जाते हैं। शहर के बीचोंबीच बदमाशों ने यह वारदात कर फिर से पुलिस को खुली चुनौती दी। शुक्रवार को दरोगा की पत्नी थाने पहुंची तो पुलिस घटना को छिपाने में लगी रही। यदि आम लोगों के साथ घटना हो तो पुलिस कितनी गंभीरता दिखाती होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

मीडिया कर्मियों को भी पीड़िता से दूर रखने की कोशिश की गई। हालांकि सोनम ने खुद वारदात के बारे में बताया। महिला ने बताया कि वह शुक्रवार को भी डरी हुई थी। सोहराब गेट डिपो से हापुड़ अड्डे तक मौत सिर पर मंडरा रही थी। वह बार-बार गोली मारने की धमकी दे रहे थे। एक ओर चाकू तो कनपटी पर तमंचा लगा था।  

सीट पर बैठने का बताया विवाद
दरोगा की पत्नी ने लूट की तहरीर दी। इसके बावजूद पुलिस घटना को गलत बता रही है। इंस्पेक्टर नौचंदी प्रेमचंद शर्मा का कहना है कि टेंपो में सीट पर बैठने को लेकर विवाद हुआ। सवाल उठता है कि टेंपो में सीट पर बैठने को लेकर विवाद होता तो दरोगा की पत्नी तुरंत  शिकायत कर देती। उसे अगले दिन थाने आकर लूट की तहरीर देने की जरूरत क्या थी।

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