आईएमए का रहा अहम योगदान
मस्तिष्क ज्वर या इंसेफेलाइटिस की चपेट में आकर पिछले साल अगस्त में गोरखपुर के अस्पताल में बच्चों की मौत के मामले आईएमए की मदद के बाद काफी कम हो गए हैं। पिछले साल 500 मरीज आए थे, जिनमें 100 की मौत हो गई थी। जबकि इस बार सिर्फ 80 मरीज आए और महज छह की मौत हुई। आईएमए का इसे रोकने में अहम योगदान रहा। 400 डॉक्टरों ने मिलकर इस बीमारी को रोकने की ट्रेनिंग ली। आशा और एएनएम ने भी योगदान किया। जागरूक करने के लिए 66 लाख घरों में प्रचार किया गया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से टीवी पर यह घटना दिखाई गई थी, वास्तव में ऐसा नहीं हुआ था।
आयुष्मान में शामिल होंगे दो हजार अस्पताल
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत के तहत प्रदेश में 1200 अस्पताल शामिल हो गए हैं। इनमें 400 से 500 सरकारी अस्पताल हैं और बाकी निजी अस्पताल। उन्होंने कहा कि इसमें इलाज के रेट भी बढ़ाए जाएंगे। प्रदेश में 1500 अस्पतालों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन उम्मीद है कि दो हजार अस्पताल शामिल कर लिए जाएंगे। पिछले एक माह में ही प्रदेश में एक हजार से ज्यादा पात्रों का इलाज हुआ है। 600 से ज्यादा का पेमेंट भी हो चुका है। जीका के संबंध में उन्होंने कहा कि इसकी जांच दिल्ली में कराई जा सकती है। प्रदेश में अलर्ट नहीं गाइडलाइंस जारी की गई थीं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/