बिजनौर में इंडियन शुगर मिल एसोसिएशन (इस्मा) चीनी के दामों में बढ़ोतरी कराना चाहती है। इसके लिए इस्मा ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा है और तर्क दिया है कि चीनी उत्पादन में प्रति क्विंटल की लागत वर्तमान चीनी के दाम से अधिक है। लागत करीब 3600 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि चीनी का दाम 3300 रुपये प्रति क्विंटल है। इस्मा की मांग है कि चीनी के न्यूनतम मूल्य में वृद्धि की जाए।
चीनी मिलों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने चीनी का न्यूनतम मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल कर रखा है। इससे पहले ये मूल्य केवल 2900 रुपये प्रति क्विंटल था। चीनी मिल 3100 रुपये प्रति क्विंटल से कम मूल्य पर चीनी नहीं बेच सकती हैं। मगर, मिलें चीनी के दाम से संतुष्ट नहीं हैं। कहना है कि मिलें अपनी लागत तक नहीं निकाल पा रही हैं। चीनी मिल घाटे में चल रही हैं। शीरा आदि बेचकर किसी तरह अपने घाटे को ही कम कर रही हैं।
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बरकातपुर चीनी मिल के महाप्रबंधक (गन्ना) विश्वास राज ने बताया कि इस्मा की ओर से चीनी का दाम बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से मांग की गई है। वर्तमान में चीनी के दाम कम हैं। सरकार अगर चीनी उद्योग व किसान दोनों का हित चाहती है तो चीनी के न्यूनतम मूल्य में बढ़ोतरी जरूर करनी चाहिए।
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