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दूसरा अल्टीमेटम खत्म, मिलों ने नहीं किया भुगतान  

Tue, 09 May 2017 02:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दागी शुगर मिलों ने दूसरे अल्टीमेटम के बाद भी बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं किया है। दूसरे अल्टीमेटम की तिथि सोमवार को खत्म हो गई। भुगतान न होने पर किसान संगठनों में रोष व्याप्त है। रालोद ने भुगतान नहीं होने को लेकर आगामी 11 मई को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने का ऐलान कर दिया है।
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  भाजपा ने चुनावी लोक कल्याण संकल्प पत्र में पुराना बकाया तीन माह में और चालू पेराई सत्र का भुगतान गन्ना आपूर्ति के 14 दिन के अंदर कराने का वादा किया था। कुछ शुगर मिलों ने तो भुगतान कर दिया, लेकिन प्रदेश की करीब 60 शुगर मिलों ने अभी तक संपूर्ण भुगतान नहीं किया है। इन शुगर मिलों पर करीब 4 हजार करोड़ रुपये बकाया चल रहा है। मेरठ मंडल की सात शुगर मिल मवाना, नंगलामल, किनौनी, सिंभावली, बृजनाथुर, मोदीनगर एवं मलकपुर मिल पर करीब 1261 करोड़ रुपये बकाया है। सरकार ने बकायेदार मिलों को भुगतान करने के लिए 23 अप्रैल की तिथि दी थी। इसके बाद आरसी की कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई थी। सरकार ने एक मौका देते हुए 8 मई तक भुगतान करने को कहा था। लेकिन दूसरे अल्टीमेटम में भी मिलों का रवैया पहले जैसा ही रहा। एक पखवाड़े का समय मिलने के बाद दागी मिलों ने सिर्फ 150 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया है। 

मिलों के हालात खराब
मंडल की मोदीनगर, मलकपुर, मवाना, सिंभावली और बृजनाथपुर शुगर मिल के हालात काफी खराब हैं। इन मिलों के पास बकाया भुगतान के सापेक्ष बिक्री के लिए पर्याप्त चीनी का स्टॉक भी नहीं है। इन मिलों ने वर्तमान पेराई सत्र की चीनी से पिछले पेराई सत्र 2015-16 का बकाया भुगतान कर दिया है जो नियम विरुद्ध है। किसान संगठनों के साथ ही रालोद ने सरकार पर किसान समस्याओं को निपटाने के लिए गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया है। रालोद के पूर्व संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान का कहना है कि सरकार अपने चुनावी वादे को पूरा करने मेें फेल साबित हुई है। सरकार अविलंब भुगतान कराए। किसान समस्याओं को लेकर रालोद आगामी 11 मई को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करेगा। 
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