दीवारों पर लिखा यह मकान बिकाऊ है
- फोटो : अमर उजाला
यूपी के शामली जनपद में मोमोज खाने को लेकर 20 दिन पहले बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर हमले के मामले में मोहल्ला ठठेरान में आरोपी पक्ष के छह से अधिक घरों के दरवाजे और दीवारों पर 'यह मकान बिकाऊ है' लिखा गया है। इन घरों में महिलाएं मौजूद हैं, जिनका आरोप है कि पुलिस निर्दोष लोगों को झूठा फंसाकर उत्पीड़न कर रही है।
शामली के बड़ा बाजार अजुध्या चौक में सात जून को मोमोज खाने को लेकर बजरंग दल कार्यकर्ता हर्ष संगल व हिमांशु आदि के साथ मारपीट हो गई थी। आरोप है कि तौफीक आदि ने अपने साथियों के साथ पहुंचकर बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया था। इस मामले को लेकर हिंदू संगठनों ने हंगामा करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इस मामले में बजरंग दल कार्यकर्ताओं की तरफ से शहर कोतवाली में दस नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। एक मुकदमा पुलिस ने अपनी तरफ से दर्ज करते हुए आरोपी को पुलिस से छुड़ाने का दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस के मुताबिक इस केस में मोहल्ला लाहोरी गेट ठठेरान और बरंखडी के लोग आरोपी है। गुरुवार को जानकारी में आया कि मोहल्ला लाहोरी गेट ठठेरान के छह से अधिक घरों के दरवाजे और दीवारों पर 'यह मकान बिकाऊ है' जैसे शब्द लिख दिए गए है। इन घरों में कोई पुरूष नहीं है। घर की महिलाओं का आरोप है कि इस मामले में कुछ लोगों को निर्दोष फंसाया गया है। महिलाओं का आरोप है कि उत्पीड़न के चलते उन्होंने मकान बेचने कर कहीं बाहर जाने का फैसला लिया है। उन्होंने पुलिस पर दबाव में आकर कारवाई करने का आरोप लगाया।
वहीं इस संबंध में एसपी अजय कुमार का कहना है कि इस मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। मकान बिकाऊ लिखने जैसा कोई मामला उनकी जानकारी में नहीं है।
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