- हस्तिनापुर के पांच सरकारी स्कूलों में नहीं है गैस कनेक्शन
रवींद्र चौहान
हस्तिनापुर। सरकार की ओर से शिक्षा और पोषण योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की कमी विभागीय दावों की पोल खोल रही है।
सरकारी योजनाओं के तहत विद्यालयों में स्वच्छ और सुरक्षित मिड-डे मील सुनिश्चित करने के लिए गैस चूल्हों पर भोजन बनाने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं, लेकिन हस्तिनापुर क्षेत्र में जमीनी हकीकत इन दावों से अलग नजर आ रही है। कई विद्यालय ऐसे हैं जहां अब तक गैस कनेक्शन उपलब्ध नहीं हो सका है जबकि जिन स्कूलों में कनेक्शन है वहां गैस सिलिंडर की कमी ने व्यवस्था को प्रभावित कर रखा है।
क्षेत्र के करीब पांच विद्यालयों में 350 से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जहां मिड-डे मील वैकल्पिक साधनों के सहारे तैयार किया जा रहा है। यहां पर शिक्षकों को निजी सिलिंडरों से मिड डे मील तैयार कराना पड़ रहा है।
पिछले करीब दो माह से गैस आपूर्ति बाधित होने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है। जिन विद्यालयों में गैस कनेक्शन है, वहां भी सिलिंडर खत्म होने के बाद समय पर आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे भोजन की नियमितता और गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इसका असर बच्चों की उपस्थिति पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
गैस एजेंसियों पर बढ़ते दबाव के चलते शिक्षकों को स्वयं सिलिंडर लेने के लिए लाइनों में लगना पड़ रहा है। कई बार घंटों इंतजार के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। इससे शिक्षण कार्य भी प्रभावित हो रहा है और शिक्षकों में नाराजगी बढ़ रही है। (संवाद)
इन स्कूलों में नहीं है गैस कनेक्शन
प्राथमिक विद्यालय गणेशपुर नंबर दो, प्राथमिक विद्यालय पटेल नगर, प्राथमिक विद्यालय लुकाधड़ी, उच्च प्राथमिक विद्यालय खोडराय और कंपोजिट विद्यालय महमूदपुर सिखेड़ा में अब तक गैस कनेक्शन उपलब्ध नहीं हो सका है। महमूदपुर सिखेड़ा विद्यालय द्वारा कनेक्शन के लिए आवेदन किया गया है, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है।
जल्द सभी स्कूलों को मिलेगा कनेक्शन : बीईओ
जिन विद्यालयों में गैस कनेक्शन नहीं है, उन्होंने आवेदन किए हैं। जल्द ही सभी स्कूलों में गैस कनेक्शन उपलब्ध करा दिए जाएंगे। मिड-डे मील व्यवस्था नियमित रूप से संचालित की जा रही है। -कमलराज, बीईओ, हस्तिनापुर