मेरठ। मेरठ शताब्दीनगर स्टेशन से फरवरी तक नमो भारत रैपिड के संचालन की तैयारी है। मेट्रो का मेरठ साउथ से मेरठ सेंट्रल फुटबॉल चौक तक ट्रायल रन दिन रात चल रहा है। शहर में मेट्रो दौड़ती देख लोग उत्साहित हैं। जून तक मोदीपुरम से बेगमपुल, शताब्दीनगर, मेरठ साउथ होते हुए नमो भारत और मेट्रो का संचालन का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद दिल्ली रोड जाम मुक्त हो जाएगा।
मेरठ शहर में नमो भारत रैपिड और मेट्रो के संचालन से दिल्ली रोड पर विकराल हो रही जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। मेरठ मेट्रो कॉरिडोर की लंबाई 23 किमी है, जिसमें 18 किमी का हिस्सा एलिवेटेड है और 5 किमी का सेक्शन भूमिगत है। मेरठ में कुल 13 स्टेशन हैं, जिनमें से 9 स्टेशन एलिवेटेड और 3 स्टेशन भूमिगत स्टेशन हैं। एक स्टेशन (डिपो स्टेशन) ग्राउंड लेवल पर होगा। मेरठ साउथ से मेरठ सेंट्रल स्टेशन के ठीक पहले तक मेरठ मेट्रो को अलग-अलग गति पर चलाकर उनका परीक्षण किया जा रहा है। ट्रायल रन की प्रक्रिया में मेरठ मेट्रो की ट्रेनों का ट्रैक और ट्रैक्शन के साथ सोमवार को भी परीक्षण किया गया। वहीं अब आने वाले दिनों में यात्रियों के भार बराबर वाली बोरियों को रखकर ट्रेन की क्षमता को परखा जाएगा।
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि इन ट्रेनों को 40 किमी प्रति घंटे से लेकर 135 किमी प्रति घंटे की डिजाइन गति पर चलाकर परीक्षण किया जा रहा है। अब लगातार ट्रेन की रफ्तार बढ़ाकर ट्रायल जारी रहेगा।