घड़ी विक्रेता विजय दीवान ने बताया कि स्विस घड़ियां अपनी क्राफ्टमैनशिप और हेरिटेज के लिए शहर में अलग पहचान रखती हैं। अब जापानी ब्रांड्स की भी मार्केट में मांग बढ़ी है। जापान की घड़ी सटीकता, टेक्नोलॉजी और कीमत के कारण पसंद हैं। अब भारतीय कंपनियों ने लोगों को दिलों को छूकर ब्रांड प्रस्तुत किए हैं। ऐसे में मांग चरम है। ग्राहकों को जो चाहिए वह उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
बाजार में 40 प्रतिशत तक बिक्री बढ़ी
घड़ी की कुछ दिन में 40 प्रतिशत बिक्री बढ़ी है। इसका मुख्य कारण सहालग है। पहले 5 हजार तक और अब 50 हजार रुपये कीमत वाली घड़ी लोग खरीद रहे हैं। वर्किंग, प्रोफेशनल्स और स्टूडेंट्स लिमिटेड एडिशन मॉडल्स आदि इनको पसंद कर रहे है। -पुनीत शर्मा, व्यापारी।
लिमिटेड एडिशन घड़ियों और प्रीमियम ब्रांड्स की मांग भी आसमान छू रही है। स्थानीय बाजार में दो मुख्य कंपनियों की सबसे अधिक मांग है। प्री बुकिंग पर ही प्रोडेक्ट मंगाए जा रहे है। -ऋषि कुमार, घड़ी विक्रेता।
स्टेटस सिंबल बनी घड़ी
बेगमपुल पर घड़ी खरीदने पहुंचे विवेक त्यागी ने बताया कि स्विस घड़ियां स्टेटस सिंबल है। लेकिन जापान मॉडल्स वैल्यू फॉर मनी देते है। देवेंद्र ने बताया कि हाल ही में उन्होंने 2.5 लाख की महंगी घड़ी खरीदी है।
वेडिंग सीजन में लग्जरी घड़ियों की मांग
घड़ी के बढ़ते क्रेज में सोशल मीडिया की अहम भूमिका है। इंस्टाग्राम और यू ट्यूब पर वॉच रिव्यू देखकर लोग इन ब्रांड्स की ओर आकर्षित हो रहे है। त्योहार और शादियों के चलते घड़ी गिफ्ट कल्चर में भी आ गई है।