मेरठ। मुनाफा कमाने के प्रयास में कुट्टू के आटे और सेंदा नमक में खुलेआम मिलावट की जा रही है। कुट्टू के आटे में सस्ता चावल और कुट्टू के छिलके मिलाकर मोटा मुनाफा वसूला जा रहा है। सेंदा नमक में भी सफेद नमक मिलाया जाता है। ऐसा कर आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। मिलावटखोर प्रति सौ किलो की कुट्टू की बिक्री कर लगभग 10 हजार रुपये और नमक में प्रति सौ किलो की बिक्री में लगभग तीन हजार का मुनाफा कमाते हैं।
ऐसे होती है कुट्टू में मिलावट
कुट्टू का आटा मार्केट में लगभग 120 से 150 रुपये प्रति किलो में बेचा जाता है। मिलावट करने वाले प्रति 100 किलो आटा बनाने में 20 रुपये किलो का चावल मिलाते हैं। इसमें 50 प्रतिशत चावल और 50 प्रतिशत कुट्टू मिलता है। कुछ लोग ज्यादा मुनाफा कमाने के प्रयास में 5 रुपये किलो मिलने वाले छिलके की मात्र 60 प्रतिशत, 20 रुपये किलो मिलने वाला चावल 30 प्रतिशत और कुट्टू 10 प्रतिशत मिलाते हैं।
तीन तरह से होती है मिलावट
- कुट्टू के आटे में सस्ते चावल की मिलावट
- कुट्टू का छिलका 80 प्रतिशत और 20 प्रतिश कुट्टू
- कुट्टू का छिलका 60 प्रतिशत, चावल 30 प्रतिशत और कूटु 10 प्रतिशत
सेंदा नमक में मिलावट
सेंदा नमक में सफेद सस्ता नमक मिलाकर बेचा जाता है। सेंदा नमक की कीमत लगभग 50 रुपये प्रति किलो होती है। वहीं, सस्ते सफेद नमक की कीमत लगभग 5 रुपये किलो होती है। 50 प्रतिशत सफेद नमक मिलकर सेंदा नमक मार्केट में बेचा जाता है।
यहां बिकता है मिलावटी कुट्टू
शहर में चोरी छिपे सदर और शहर दाल मंडी के आसपास के मोहल्लों में ऐसाकुट्टू तैयार किया जाता है। यहां कुछ दुकानों पर मिलावट कर कुट्टू बेचा भी जाता है। यहां थोक विक्रेताओं से छोटे व्यापारी नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में कुट्टू लेकर जाकर बेचते है। सात दिन ही कुट्टू का प्रयोग होता है। ऐसे एफडीए के टीम ग्रामीण क्षेत्रों में सैंपलिंग भी नहीं कर पाती। ग्रामीण क्षेत्रों में सरधना, किठौर, मवाना, खरखौदा, परीक्षितगढ़ सहित शहर के बाहरी क्षेत्रों की दुकानों में बेचा जाता है।
अभियान चलाकर की जाएगी कार्रवाई
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिव कुमार ने बताया कि मिलावटी और खराब कुट्टू का आटा बेचने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम अभियान चलाएगी। सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजे जाएंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।