सरधना। ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च पर कृपाओं की माता के महोत्सव का बृहस्पतिवार शाम ध्वजारोहण के साथ शुभारंभ हो गया। माला विनती, नौरोजी प्रार्थना और मिस्सा बलिदान भी हुआ। श्रद्धालुओं ने चर्च परिसर में जुलूस निकालकर माता मरियम के संदेश सुनाए। नौरोजी प्रार्थना में अपने पापों की क्षमा के लिए प्रभु के सामने शीश झुकाए।
ध्वजारोहण धर्माध्यक्ष धर्मप्रांत मेरठ भास्कर जेसुराज ने किया। ईसाई समुदाय के लोग जुलूस की शक्ल में रोजरी बोलते हुए चर्च के अंदर पहुंचे। यहां बिशप ने मिस्सा बलिदान कराया। ध्वजारोहण स्थल पर सुंदर रंगोली भी सजाई गई थी। चर्च प्रबंधक फादर वेलेरियन पिंटो, फादर जॉन मिल्टन और कई ब्रदर, सिस्टर, संत चार्ल्स व संत जोजफ इंटर कॉलेज के छात्र-छात्रा मौजूद रहे।
10 नवंबर तक प्रतिदिन शाम 4:00 बजे माला विनती, नौरोजी प्रार्थना और मिस्सा बलिदान होगा। शाम 4:00 बजे संत पापा ग्रेगोरी 16वें द्वारा बेगम को भेंट किए गए तबर्रुक (रेलिक) तथा माता मरियम की प्रतिमा के साथ चर्च में शोभा यात्रा निकाली गई। बृहस्पतिवार को 4:00 बजे चर्च परिसर में फादर्स, ब्रदर्स व ईसाई समुदाय के लोग एकत्र हुए। धर्माध्यक्ष भास्कर जेसुराज ने सभी को कृपाओं की माता मरियम का संदेश सुनाया। उन्होंने चर्च परिसर में ध्वजारोहण कर महोत्सव का शुभारंभ किया। ध्वजारोहण के बाद चर्च परिसर में जुलूस निकाला गया, जिसमें सबसे आगे तीन भक्त क्रूस लेकर चल रहे थे। संतों की मां कृपाओं की माता की विशेष प्रार्थना की गई। श्रद्धालुओं को माता मरियम की तरह संवेदनशील बनकर दूसरों की मदद करने का संदेश दिया।
देश में सुख-शांति और बीमारों के स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की गई। श्रद्धालुओं को माता मरियम की तरह संवेदनशील बनकर दूसरों की मदद करने का संदेश दिया। इस अवसर पर देश में सुख-शांति और बीमारों के स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की गई।