नागपाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 26 अक्टूबर 2025 को सेंट्रल मार्केट स्थित भवन संख्या 661/6 को आवास विकास की लापरवाही और कमजोर पैरवी के कारण ढहा दिया गया। इससे दर्जनों परिवार सड़क पर आ गए।
अब शास्त्रीनगर, जागृति विहार सहित अन्य क्षेत्रों में 1468 व्यावसायिक भवनों पर भी बुलडोजर की तलवार लटकी है। उन्होंने कहा यदि ये दुकानें गिराई गईं तो दुकान मालिक, कर्मचारी एवं उनके परिवार सहित हजारों लोगों की रोजी-रोटी संकट में पड़ जाएगी।
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मेरठ व्यापार मंडल ने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप करते हुए संसद में विशेष विधेयक लाकर इन 1468 व्यावसायिक निर्माणों को बचाने और व्यापारियों को स्थायी राहत देने की मांग की है। संगठन की ओर से चेतावनी दी गई कि यदि आगामी 20 दिनों में केंद्र सरकार इस मामले में कदम नहीं उठाती तो बड़ी संख्या में व्यापारी बसों में सवार होकर दिल्ली कूच करेंगे और संसद भवन का घेराव कर काले झंडे दिखाएंगे।
ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से जिला मंत्री एडवोकेट उमाशंकर खटीक, शाहबाज, कामिल, तरुण शर्मा, प्रशांत कौशिक, हिफ्जान, विनीत शर्मा, जीशान अली रहे। वहीं, सेंट्रल मार्केट में भी व्यापारियों ने प्रतिष्ठानों के बाहर काले बैनर लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उनके व्यापार और परिवार को बर्बाद होने से बचाया जाए।