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निगम की बैठक में पार्षदों का हंगामा, नगर स्वास्थ्य अधिकारी पर लगाया ये आरोप

Thu, 18 Jan 2018 05:49 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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निगम की बैठक में हंगामा - फोटो : अमर उजाला
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स्वच्छता को लेकर महापौर द्वारा नगर निगम सभागार में बुलाई गई बैठक में पार्षदों ने शहर में गंदगी का ठीकरा नगर स्वास्थ्य अधिकारी के सिर फोड़ दिया। इतना ही नहीं पार्षदों ने उनके खिलाफ नारे लगाते हुए फोन न उठाने और शिकायत के बाद भी काम न करने का आरोप लगाया। पार्षदों ने सफाई कर्मचारियों की कार्य प्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के नामों की सूची मांगते हुए उनकी हाजिरी का अधिकार पार्षदों को दिए जाने की मांग की। 

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महापौर सुनीता वर्मा की अध्यक्षता और नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान के संचालन में स्वच्छता को लेकर हुई बैठक में निगम के अधिकारी और पार्षदों ने हिस्सा लिया। बैठक में सभी पार्षदों ने एकमत होकर शहर की खराब सफाई व्यवस्था पर सवाल दागे। विपिन जिंदल ने कहा कि वार्ड में कितने सफाई कर्मचारी हैं। उनकी सूची उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। कुछ सफाई कर्मचारी वार्ड में पहुंच ही नहीं रहे हैं। ब्रह्मपुरी इलाके में जलभराव की समस्या बढ़ रही है। संजय सिंह ने कहा कि वार्ड 50 में हाउस टैक्स लिपिक नहीं पहुंच रहा है। वार्ड 37 के पार्षद गुलवीर सिंह ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड में अभी तक एक भी सफाई कर्मचारी नहीं पहुंचा है। 

पार्षदों ने सफाई कर्मचारियों के नामों की सूची के साथ उनकी हाजिरी का अधिकार भी मांगा। हालांकि पार्षदों की इस मांग पर सफाई कर्मचारी नेता कैलाश चंदोला, विनेश विद्यार्थी आदि ने विरोध जताया। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी कीमत पर पार्षदों से हाजिरी स्वीकार नहीं करेंगे। 
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पार्षद ललित नागदेव ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में सफलता के लिए पार्षद पूर्ण सहयोग को तैयार हैं। शहर का विकास कराना और स्वच्छ बनाना हमारी पहली प्राथमिकता है। इस अवसर पर पार्षद सुनीता प्रजापति, पूनम गुप्ता, सविता, मुनीश कुमार, प्रिया शाक्य, संदीप रेवड़ी आदि उपस्थित रहे।

नगरायुक्त ने गिनाए सफाई के प्रयासः प्रत्येक वार्ड में प्राइवेट सफाई कर्मचारियों की तैनाती करके घर-घर से कूड़ा उठवाएंगे। इसके संसाधनों का प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा। 

महानगर में 100 किलोग्राम कूड़ा निकालने वाली संस्थाओं को अपने स्तर से कूड़ा निस्तारण करना होगा। अन्यथा ऐसे प्रतिष्ठानों पर पांच लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। निगम के अधिकारी, पार्षद और शहर की जनता एकजुट होकर स्वच्छता का संकल्प लें तो शहर हो जाएगा स्मार्ट।

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नगर स्वास्थ्य अधिकारी सुधारें कार्यप्रणाली

महापौर सुनीता वर्मा - फोटो : अमर उजाला
नगर स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा पार्षदों के सवालों का संतोषजनक जवाब न दिए जाने पर नगरायुक्त मनोज कुमार ने उनके प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को कार्य प्रणाली सुधारने और 90 वार्डों में सफाई कर्मियों के नामों की सूची पार्षदों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। नगरायुक्त ने कहा कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का सही से निर्वहन नहीं कर रहे हैं। सफाई व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।

2019 में होगी टॉप टेन की लड़ाई 
शहर के नागरिकों की सहभागिता से ही स्वच्छता में नंबर वन आ सकता है महानगर। अभी नगर निगम 100 स्वच्छ शहरों में शामिल होने की लड़ाई लड़ रहा है। अभी निगम की तरफ से घर-घर से कूड़ा उठाने और उसके निस्तारण की व्यवस्था नहीं है। यह व्यवस्था इस साल हर कीमत पर हो जाएगी। स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 के सर्वेक्षण में मेरठ नंबर वन यानी टॉप टेन की लड़ाई में शामिल होगा।  

व्यवस्था सुधारने को जांच कर कार्रवाई करें 
वार्डों में सफाई कर्मचारियों के न पहुंचने और पर्याप्त सफाई न होने की पार्षदों की शिकायत को महापौर सुनीता वर्मा ने गंभीरता से लिया। महापौर ने नगरायुक्त को निर्देश दिए कि हर वार्ड में सफाई कर्मचारी तैनात किए जाएं। सफाई कर्मचारियों की सूची पार्षदों को सौंपी जाए। पार्षदों की शिकायत पर जांच करके कार्रवाई की जाए।

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