नोएडा सेक्टर-63 से गिरफ्तार अलकायदा मॉड्यूल से जुड़े संदिग्ध जीशान अली की निगरानी गुजरात एटीएस एक महीने से कर रही थी। मेरठ के ललियाना गांव निवासी जीशान मोबाइल की दुकान में काम करता था। एटीएस ने उसके साथ दो और युवकों को हिरासत में लिया है।
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जीशान का मकान व उसके साथ पकड़े गए अन्य संदिग्ध
- फोटो : अमर उजाला
नोएडा सेक्टर-63 से गिरफ्तार किया गया अलकायदा मॉड्यूल से जुड़ा संदिग्ध जीशान अली मेरठ जिले के ललियाना गांव का रहने वाला है। सूत्रों के अनुसार, गुजरात एटीएस इस युवक पर पिछले एक महीने से निगरानी कर रही थी।
उसकी गतिविधियों को इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, और मिलने-जुलने वालों के जरिये ट्रैक किया जा रहा था। मंगलवार को उसे नोएडा के एफएनजी रोड स्थित सैनिक कम्यूनिकेशन मोबाइल की दुकान से गिरफ्तार किया गया था।
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पकड़े गए संदिग्ध
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खंगाला जा रहा नेटवर्क
बताया जा रहा है कि जीशान को हिरासत में लेने के साथ-साथ दो अन्य युवकों को भी एटीएस ने अपनी गिरफ्त में लिया है। जबकि कई एंटी टेररिस्ट स्कवायड(एटीएस) के रडार पर हैं। कहीं गांव में उसने किसी प्रकार का नेटवर्क नहीं फैलाया हुआ, इसकी भी जांच एजेंसियां तलाश में जुट गई हैं।
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एक महीना पहले दुकान पर शुरू किया था काम
जीशान इस दुकान में एक महीने पहले ही काम पर आया था। गिरफ्तारी का स्थान सेक्टर-63 कोतवाली से महज़ 400 मीटर की दूरी पर है, जिससे स्थानीय पुलिस व खुफिया एजेंसियों की सतर्कता पर सवाल उठ रहे हैं।
आठवीं पास है जीशान, चार भाइयों में सबसे छोटा, पबजी का है शौकीन
उसके परिचितों के अनुसार, जीशान पबजी गेम का शौकीन है और ज्यादा लोगों से मेल-जोल नहीं रखने वाला था। हालांकि वह हाजिर जवाब बताया जाता है। जानकारी के अनुसार, वह मेरठ के नवोदय विद्यालय में आठवीं तक पढ़ा है और चार भाइयों में सबसे छोटा है।
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सट्टेबाजी में भी आजमाया हाथ, दोस्ताें की मदद से नोएडा में लिया था कमरा
जानकारों का यह भी कहना है कि वह सट्टेबाजी में भी सक्रिय रहा है। फरवरी 2025 में उसने छिजारसी कॉलोनी में किराए पर कमरा लिया, जिसमें मेरठ के मोनिश और शोएब की मदद शामिल रही।
मकान मालिक बोला- देर रात तक आता-जाता था
मकान मालिक राकेश का कहना है कि उसने आईडी लेकर ही कमरा किराए पर दिया था, लेकिन जीशान अक्सर देर रात आता-जाता था, जिससे वह कुछ असहज महसूस करता था। नोएडा कमिश्नरेट पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद कहा है कि सत्यापन अभियान और मजबूत किया जाएगा, जिससे इस तरह के संदिग्धों की पहचान समय पर हो सके।