लोहियानगर थाना क्षेत्र के जाहिदपुर में बुधवार शाम कर्मचारी अकरम की पावरलूम मशीन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब वह मशीन पर काम कर रहे थे। हादसे में शव मशीन में ही फंस गया। बड़ी मुश्किल से शव के चीथड़ों को बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। परिजनों ने मौके पर पहुंच कर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया।
लोहियानगर के आशियाना कॉलोनी निवासी अकरम (35) जाहिदपुर की जीतन गार्डन कॉलोनी स्थित हैंडलूम कारखाने में काम करता था। यह कारखाना शाहपीर गेट निवासी इस्लामुद्दीन का है। बुधवार शाम छह बजे बिजली चली गई। उसके बाद भी मशीन को छोड़कर अकरम बाहर नहीं आए। कुछ देर बाद दूसरे कर्मचारी शाकिब ने मशीन के पास जाकर देखा। अकरम मशीन के धागों में लिपटा हुआ है। धागे से उसकी गर्दन कटी हुई थी। टांग शरीर से अलग थी। शाकिब के शोर मचाने पर आसपास के कर्मचारी जमा हो गए।
पुलिस को सूचना दी। सीओ कोतवाली संग्राम सिंह सिंह लोहियानगर पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी की। परिजनों ने हंगामा भी किया, हालांकि बाद में मामला शांत हो गया। मृतक पक्ष और कारखाना स्वामी में समझौता हो गया था। बताया जाता है कि कारखाना स्वामी इस्लामुद्दीन ने मृतक के परिवार को आठ लाख की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया। तब पीड़ित परिवार ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया।
एसपी सिटी विनायक भोसले ने बताया कि परिवार के पोस्टमार्टम से इन्कार कर दिया था। पीड़ित परिवार को समझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया। परिजनों ने तहरीर नहीं दी है। बता दें कि अकरम तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके दो बेटे और एक बेटी है। अकरम की मौत के बाद पत्नी जाहिदा का रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं दूसरी ओर आजाद समाज पार्टी के नेता बदर अली भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी।
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