मेरठ के टीपीनगर निवासी हरेंद्र सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे। एक सप्ताह पहले आए बीडीओ की परीक्षा के परिणाम में वह फेल हो गए थे। व्हॉट्सएप पर परिजनों को मैसेज कर हरेंद्र ने आत्महत्या कर ली।
टीपीनगर थाना क्षेत्र निवासी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हरेंद्र (29) ने प्रतियोगी परीक्षा में मिली असफलता के बाद 21 अगस्त को मुरादनगर गंगनहर से कूदकर जान दे दी। 20 अगस्त को बीडीओ की परीक्षा का परिणाम आया था, जिसमें वह असफल हो गया था। रात में मुरादनगर गंगनहर से परिजनों को व्हाट्सएप संदेश भेजकर आत्महत्या की बात कही। मंगलवार को उसका शव सिकंदराबाद क्षेत्र में गंगनहर से बरामद हुआ। बुधवार को शव घर पहुंचा तो परिवार में मातम पसर गया।
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नई बस्ती निवासी नरेश कुमार ने बताया कि उसका भाई हरेंद्र कई साल से सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। उसने हाल ही में बीडीओ की परीक्षा दी थी। 20 अगस्त को परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ तो वह फेल हो गया। परिजनों के मुताबिक, लगातार परीक्षाओं में असफलता मिलने से वह काफी परेशान था। 21 अगस्त को हरेंद्र शाम साढ़े छह बजे घर से निकल गया। रात करीब 10:45 बजे उसने परिजनों को व्हाट्सएप पर संदेश भेजा। उसने लिखा कि वह गंगनहर में कूदकर आत्महत्या कर रहा है और उसकी मौत का जिम्मेदार वह स्वयं है।
संदेश मिलते ही परिजन मुरादनगर गंगनहर की ओर दौड़े। उन्होंने काफी देर तक उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। 22 अगस्त को परिजनों ने टीपीनगर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस और परिजन उसकी तलाश में जुटे रहे। मंगलवार को शव सिकंदराबाद क्षेत्र में गंगनहर से बरामद हुआ। स्थानीय पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर उसकी पहचान की कोशिश की। एक घंटे बाद सिकंदराबाद पुलिस ने मुरादनगर पुलिस से संपर्क किया। मुरादनगर पुलिस ने टीपी नगर पुलिस को शव मिलने की जानकारी दी। परिजन पुलिस के साथ सिकंदराबाद पहुंचे। परिजनों ने शव की पहचान हरेंद्र के रूप में की। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। सीओ ब्रह्मपुरी रामप्रकाश का कहना है कि सूचना पर गुमशुदगी दर्ज कर ली गई थी।
तीन भाइयों में मझला था हरेंद्र
बड़े भाई नरेश कुमार मथुरा में बिजली विभाग में कार्यरत हैं, जबकि छोटा भाई रोहित आईटीआई कर रहा है। हरेंद्र मझला भाई था। शव मिलने की सूचना के बाद परिवार में मातम छा गया। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिजनों का रोकर बुरा हाल हो गया। अंतिम दर्शन के दौरान घर में चीख-पुकार मच गई। बाद में गमगीन माहौल में युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
अपनी मौत का खुद जिम्मेदार
हरेंद्र ने गंगनहर में कूदने से पहले अपने परिजनों के व्हाट्सएप पर सुसाइड का मैसेज भेजा था। उसमें लिखा था कि वह अपनी मौत का जिम्मेदार खुद है। उसका शव मिलने के बाद पोस्टमार्टम नहीं कराया जाए। आप सभी लोग खुश रहना। आप सभी को मेरा बहुत सारा प्यार। बेटे को शव देखकर पिता बेहोश हो गए।