स्कूटी से शुरू किया पीछा
घटना के बाद रोहित कपूर और उनके साथी ने तुरंत दोपहिया वाहन उठाया और संदिग्ध वाहन का पीछा शुरू कर दिया। दोनों ने करीब तीन किलोमीटर तक वाहन का पीछा किया। उनके अनुसार पीछा करने के दौरान युवती लगातार मदद के लिए आवाज लगाती रही, जबकि वाहन सवार तेजी से आगे बढ़ते रहे।
खुला गेट लेकर भागते रहे आरोपी
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि पीछा किए जाने के दौरान वाहन का एक गेट खुला हुआ था, लेकिन इसके बावजूद चालक वाहन को तेज गति से दौड़ाता रहा। रिठानी की ओर बढ़ते हुए वाहन परतापुर दिशा में निकल गया। दूरी बढ़ने और संभावित खतरे को देखते हुए पीछा कर रहे लोगों ने पुलिस को सूचना देकर वापस लौटना उचित समझा।
बड़ा हादसा होने की आशंका
ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन से जुड़े गौरव शर्मा ने बताया कि तेज रफ्तार वाहन का खुला गेट किसी अन्य वाहन से टकरा सकता था, जिससे गंभीर हादसा हो सकता था। इसी कारण पीछा करने वालों ने सावधानी बरतते हुए पुलिस को सूचना देना बेहतर समझा।
नंबर के आधार पर तलाश शुरू
घटना के बाद पुलिस ने संदिग्ध वाहन का नंबर लेकर जांच शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्रों में लगे निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटना की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और वाहन सवारों की पहचान करने का प्रयास जारी है।
क्या है पूरा मामला, जांच के बाद होगा स्पष्ट
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मामला अपहरण का है या फिर किसी प्रकार के आपसी विवाद से जुड़ा है। संबंधित लोगों की पहचान और पूछताछ के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
ये बोली पुलिस
पुलिस अधीक्षक नगर विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि संदिग्ध वाहन सवारों की तलाश के लिए टीमों को लगाया गया है। ब्रह्मपुरी मेट्रो स्टेशन से लेकर परतापुर मार्ग तक लगे निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।