Wedding happiness turned into mourning: जिस घर में दो दिन बाद शहनाई गूंजनी थी, वहां मातम का सन्नाटा छा गया। हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के गांव झडाका निवासी गुरनीत चीमा उर्फ सोनू की अचानक बीमारी से मौत हो गई। 23 नवंबर को उसकी बरात जानी थी, लेकिन शुक्रवार की सुबह उसकी मौत ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। शादी की सारी खुशियां मातम में तब्दील हो गईं।
गुरनीत चीमा उर्फ सोनू को लगभग एक सप्ताह पूर्व पेट में अचानक तेज दर्द उठा और उल्टी हुई। परिजन तत्काल उसे मेरठ के एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। तीन दिन के उपचार के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ, बल्कि बिगड़ती चली गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, परिजनों ने उसे दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया। वहां भी उसकी हालत चिंताजनक बनी रही। दोनों परिवार गुरनीत के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे थे और हर संभव प्रयास कर रहे थे, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। शुक्रवार की सुबह उपचार के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया।
धरी रह गई बरात की तैयारी
मृतक गुरनीत चीमा उर्फ सोनू अपनी दो भाइयों में छोटा था। उसके सिर पर सेहरा सजने वाला था और घर में शादी की तैयारियां जोरों पर चल रही थीं। जहां एक ओर वर पक्ष में खुशी का माहौल था, वहीं दूसरी ओर रठौरा कलां निवासी वधू पक्ष भी तैयारियों में जुटा हुआ था। सभी को उम्मीद थी कि गुरनीत जल्द स्वस्थ होकर अपनी शादी में शामिल होगा। परंतु, उसकी अचानक मौत की खबर ने खुशियों को मातम में बदल दिया। विवाह की सभी तैयारियां धरी की धरी रह गईं।
गांव में शोक की लहर, हंसमुख था गुरनीत
गुरनीत उर्फ सोनू की मौत की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि गुरनीत बहुत ही हंसमुख, मिलनसार और समाजसेवी युवक था। जिसने भी उसकी मौत की खबर सुनी, वह स्तब्ध रह गया। शुक्रवार की देर शाम, गमगीन माहौल में सैकड़ों लोगों ने सोनू की अंतिम यात्रा में भाग लिया और उसे नम आंखों से अंतिम विदाई दी। मृतक के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
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