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Meerut: 'पुलवामा हमले में तुम्हारा हाथ, बोलो जय हिंद', फंसाने की धमकी देकर किसान से फोन पर ही ठग लिए 38 लाख

Mon, 30 Mar 2026 01:03 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

यूपी के मेरठ स्थित फलावदा निवासी मदनपाल ने बताया कि महाराष्ट्र की पुलिस बताते हुए आरोपियों ने कॉल की थी। वे इतना डर गए थे, कि कुछ नहीं सूझा और साइबर ठगों के बताए खाते में रुपये डालते चले गए। साइबर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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mobile demo, man demo, cyber crime - फोटो : AI
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विस्तार
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फलावदा थाना क्षेत्र के अमरौली गांव निवासी किसान मदनपाल को पुलवामा आतंकी हमले में फंसाने का डर दिखाकर साइबर ठगों ने 38 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने खुद को महाराष्ट्र पुलिस का सब-इंस्पेक्टर बताकर किसान को ठगी का शिकार बनाया। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) वेबसाइट पर शिकायत करने के बाद इस मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
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मदनपाल ने दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कहा है कि उनके मोबाइल पर 11 फरवरी 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने कॉल की। कॉल करने वाले ने कहा कि वह महाराष्ट्र पुलिस हेडक्वार्टर से उप-निरीक्षक देवेंद्र कुमार बोल रहे हैं। आरोपी ने कहा कि उनकी टीम ने आतंकियों के ठिकानों पर छापा मारा था। वहां पर मदनपाल का आधार और एटीएम कार्ड मिला है। इससे पता चलता है कि पुलवामा आतंकी हमले में वह भी शामिल थे। 
 

आरोपियों ने मदनपाल के मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिये आतंकियों के फोटो भेजे। कहा कि भारत के सैनिकों को मारने में तुम्हारा भी हाथ था। आरोपियों ने इस संबंध में किसी को भी बताने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा वे जब भी कॉल करेंगे उन्हें रिसीव करनी होगी। तब वह उनकी मदद कर सकते हैं।
 

वीडियो कॉल पर दिलाई भारत माता की शपथ
मदनपाल का कहना है कि आरोपी उनसे दिनरात वीडियो कॉल पर बात करते थे। उन्होंने तीन बार भारत माता की शपथ दिलाकर प्रतिदिन ऑनलाइन हाजिरी लगाने का दबाव बनाया। जय हिंद बुलवाया। आरोपियों ने कहा कि वह जब भी कॉल करेंगे तो उन्हें कहना होगा कि आई एम सेफ जय हिंद सर। उन्होंने डर दिखाया कि इस केस में उनको गिरफ्तार कर दस साल की सजा दी जाएगी और 60 लाख रुपये का अर्थदंड वसूला जाएगा।
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दो बार खाते में जमा कराए रुपये
अगर वह इस केस से बचना चाहते हैं तो उन्हें आरटीजीएस के जरिये उनके खाते में रुपये जमा करने होंगे। अगर वह केस में बरी हो जाते हैं तो यह रुपये उन्हें वापस कर दिए जाएंगे। मदनपाल का कहना है कि वह इतने डर गए कि उनकी नींद और भूख उड़ गई। उन्होंने डर की वजह से 13 फरवरी को एसबीआई गंज बाजार शाखा से 33 लाख रुपये और 18 फरवरी को बैंक ऑफ बड़ौदा फलावदा शाखा से पांच लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। 25 मार्च तक उनके रुपये वापस नहीं मिले तो उन्हें ठगी की जानकारी हुई और उन्होंने 26 मार्च को शिकायत की।

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