Murder in Meerut: मेरठ की जाकिर कॉलोनी में तालिब की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पत्नी इलमा ने हार्ट से मौत होना बताया, लेकिन दफनाते समय गले पर निशान देखकर परिजनों को शक हो गया। सच्चाई सामने आने पर पत्नी अपने प्रेमी संग फरार है।
लोहिया नगर थाना क्षेत्र की जाकिर कॉलोनी में इलमा (27) ने पति तालिब (30) की प्रेमी अमन के साथ मिलकर हत्या कर दी। दुपट्टे से गला दबाकर मार डाला। इसके बाद इलमा ने हार्ट अटैक से मौत होने की जानकारी परिजनों को दी। परिजनों ने 29 सितंबर को मुजफ्फरनगर ले जाकर शव दफना दिया। शव दफनाने के दौरान तालिब की गर्दन आदि पर चोट के निशान देखे। इसके चलते उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने इलमा पर दबाव बनाकर पूछताछ की तो उसने जुर्म कबूल कर लिया। इस कबूलनामे का वीडियो भी सोमवार को परिजनों ने पुलिस को सौंपा। पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
विज्ञापन
मेरठ के जाकिर कॉलोनी फतेहउल्लापुर रोड निवासी अकरम अली ने दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कहा है कि उनके चाचा का बेटा तालिब राजमिस्त्री का काम करता था। उसकी शादी चार साल पहले अंजुम पैलेस के पास रहने वाले मोमिन की बेटी इलमा से हुई थी। उसकी तीन साल की एक बेटी है।
28 सितंबर की रात लगभग 8 बजे पड़ोस में रहने वाले इनाम ने उनके घर आकर सूचना दी कि तालिब की मौत हो गई है। अकरम तालिब के घर पहुंचे तो देखा कि इलमा ने शव को पूरी तरह ढक रखा था। तालिब का केवल चेहरा खुला हुआ था।
अत्यधिक गर्मी होने के कारण शव को अगले दिन सुबह उनके मुजफ्फरनगर स्थित पैतृक गांव रसूलपुर धबेड़ी ले जाया गया। यहां शव को बर्फ पर रखा गया और दोपहर लगभग तीन बजे के बाद कब्रिस्तान में दफना दिया गया।
ऐसे हुआ इलमा पर शक
दफनाने के दौरान कई लोगों ने शव की तस्वीरें ली थीं। इसमें तालिब के गले पर काला निशान दिखाई दिया। वहीं, इलमा का व्यवहार भी सामान्य नहीं था। वह घर के सामान को पैक करने में लगी थी। अगले दिन रिश्तेदारों के मेरठ वापस आने पर इनाम ने बताया कि उसने इलमा को फतेहउल्लापुर रोड (60 फुटा) स्थित सिग्नेचर स्टाइल ब्यूटी स्टूडियो के मालिक अमन के साथ कई बार आपत्तिजनक स्थिति में पार्क व अन्य जगहों पर घूमते देखा था। इस बात की शिकायत उसने पहले भी तालिब से की थी। इस बात की पुष्टि अकरम के बेटे शारिक और मृतक के भाई दिलदार ने भी की।
मोबाइल में मिली अमन और इलमा की बातचीत की रिकॉर्डिंग
1 अक्तूबर 2026 को जब रिश्तेदारों ने इलमा से तालिब का मोबाइल मांगा, तो उसने फोन न मिलने की बात कहकर उसे छिपाए रखा। 2 अक्तूबर को सुबह 10 बजे जब अकरम, दिलदार और शारिक ने घर जाकर दोबारा तलाशी ली तो तालिब का फोन कपड़ों में छिपा मिला। मोबाइल की कॉल डिटेल और अमन व इलमा के बीच बातचीत की रिकॉर्डिंग चेक करने पर उनके संबंधों की पुष्टि हो गई।