पीड़िता के अनुसार, आठ वर्ष पूर्व उसकी मुलाकात आरोपी से ई-रिक्शा के माध्यम से हुई थी। आरोप है कि आरोपी ने स्वयं को अविवाहित और हिंदू बताकर विश्वास जीता। पीड़िता का कहना है कि समय के साथ वह उसके संपर्क में रहा और विवाह का आश्वासन देता रहा।
पीड़िता ने बताया कि 14 अक्तूबर 2024 को दोनों ने पंजाब के एक पते का प्रयोग करते हुए कोर्ट मैरिज की। आरोप है कि बाद में आरोपी ने उसे किराए के मकान में रखा और बीच-बीच में मिलने आता रहा। इस दौरान गर्भ धारण होने पर उसका गर्भपात कराए जाने का आरोप भी लगाया गया है।
पीड़िता का कहना है कि आरोपी द्वारा उस पर धार्मिक रीति-रिवाज बदलने का दबाव बनाया गया। जब वह आरोपी के घर गई तो वहां मारपीट की गई और धमकियां दी गईं।
सीओ पंकज लवानिया ने कहा कि प्रकरण संवेदनशील है। पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है, साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।