10 करोड़ की लागत से बनेगी लैब
10 करोड़ रुपए की लागत से पूरी क्वालिटी चैकिंग लैब तैयार होगी। इसमें जर्मनी से फुटबॉल व हेलमेट की गुणवत्ता जांचने के लिए आधुनिक मशीनें आएंगी। मेरठ पीपीडीसी वर्तमान में खेल उपकरणों की गुणवत्ता की जांच कर रहा है इसलिए सरकार ने मेरठ पीपीडीसी को यह जिम्मेदारी सौंपी है।
ओखला में पीपीडीसी मेरठ की 8 हजार स्क्वायर फीट जगह में एक आधुनिक प्रयोगशाला तैयार है, जो खाली पड़ी है। इस प्रोजेक्ट से इस जगह का प्रयोग होगा, वहीं मेरठ में लैब के लिए जमीन मिलने की समस्या है वो भी दूर हो जाएगी। पीपीडीसी 4 हजार स्क्वायर फीट में फुटबॉल क्वालिटी चैकिंग लैब बनाएगा।
फुटबॉल ब्लेडर और हेलमेट निर्यात हब मेरठ
देश में मेरठ, जालंधर, गुड़गांव में मुख्य रूप से फुटबॉल तैयार होता है। देश में 20 बड़ी कंपनियां हैं जो फुटबॉल बनाकर निर्यात करती हैं। इसमें इंडो रबड़ मेरठ, एचआरएस मेरठ, साकी, निवीया, सेक्स, शर्मा एक्सपोर्ट व कॉस्को कंपनियां फुटबॉल बनाने का काम करती हैं। मेरठ के एचआरएस कंपनी फीफा की फुटबॉल के लिए ब्लेडर सप्लाई करती है। एसजी, एसएस, एसएम, एसएफ, बीडीएम प्रमुख कंपनियां हैं जो स्पोर्ट्स हेलमेट बनाकर निर्यात करती हैं।
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