पहाड़ों पर बर्फबारी के कारण लगातार मौसम ठंडा बना हुआ है। मंगलवार को सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। हाईवे पर वाहनों को लाइटें जलाकर धीमी रफ्तार में गुजरना पड़ा। वहीं कोहरे के कारण रेल यातायात भी प्रभावित हो रहा है।
शहर इन दिनों घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में है। कड़ाके की ठंड ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। रात के समय तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, वहीं दिन में भी धूप न निकलने के कारण लोगों को ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है।
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इस समय पश्चिम उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर लगातार बना हुआ है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते मैदानी क्षेत्रों में इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। सर्द हवा और नमी के चलते ठिठुरन और बढ़ गई है। सुबह और देर रात घना कोहरा छाए रहने से दृश्यता बेहद कम हो जा रही है। इसका असर सड़क यातायात के साथ-साथ रेल और हवाई सेवाओं पर भी पड़ रहा है। वाहन चालकों को लाइट जलाकर धीमी गति से सफर करना पड़ रहा है। दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर एम शमीम का कहना है कि शीतलहर का प्रकोप जारी रहने की संभावना है। अभी दिन और रात का तापमान सामान्य से काम रहेगा, सर्दी का असर ऐसे ही बना रहेगा। हालांकि 18 जनवरी के बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने के संकेत हैं। तब तक लोगों को ठंड और कोहरे से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बढ़ते प्रदूषण के कारण और ज्यादा परेशानी हो रही है। चिकित्सकों ने बुजुर्गों, बच्चों और सांस के रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोग अलाव, गर्म कपड़ों और गर्म पेय पदार्थों का सहारा लेकर ठंड से बचाव कर रहे हैं।