मेरठ में रविवार को मौसम का मिजाज अप्रत्याशित रूप से बदला-बदला नजर आया। सुबह से ही तेज धूप के साथ आसमान में बादलों की लुका-छिपी जारी रही, लेकिन यह बादल राहत बरसाने के बजाय उमस को और बढ़ाने का सबब बने। दोपहर तक बारिश न होने के कारण लोगों को भारी गर्मी और चिपचिपी उमस का सामना करना पड़ा, जिसने दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया।
दिन चढ़ने के साथ ही तापमान में वृद्धि हुई और उमस का स्तर भी बढ़ता गया, जिससे लोगों के पसीने छूटने लगे। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, क्योंकि लोग तेज धूप से बचने के लिए छायादार स्थानों की तलाश करते नजर आए। घरों और दफ्तरों में लगे पंखे और कूलर भी इस उमस भरी गर्मी में राहत पहुंचाने में नाकाम साबित हुए।
कई दिनों से जारी शुष्क मौसम के कारण गर्मी अपने चरम पर है। इस उमस भरी गर्मी ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। किसानों की उम्मीदें भी मानसूनी बारिश पर टिकी हैं, क्योंकि बारिश में हो रही देरी का सीधा असर खरीफ फसलों की बुवाई और तैयारी पर पड़ सकता है।
कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि रविवार को क्षेत्र में धूप और बादलों का मिश्रित प्रभाव देखा गया। वातावरण में नमी की अधिकता के कारण उमस महसूस की गई। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल गर्मी और उमस का यह दौर जारी रह सकता है, हालांकि मौसम में बदलाव की संभावना बनी हुई है। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो आने वाले दिनों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल, जिले के लोग राहत देने वाली बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
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