शुक्रवार की शाम को करीब आठ बजे आसमान पर काले बादल छाए और तेज गरज के साथ आंधी शुरू हो गई बिजली की चमक इतनी ज्यादा थी कि आसमान में तड़-तड़ाहट मची हुई थी। जिसका असर बारिश और तेज आंधी के रूप में देखने को मिला। करीब 1 घंटे तक लगातार बारिश और आंधी से जन जीवन भी प्रभावित हो गया।
आंधी की रफ्तार 35 से किलोमीटर प्रति घंटे की होने के चलते होर्डिंग और बैनर हवा में उड़ गए कई जगह पर छप्पर भी उड़ कर आसमान पर दिखाई दिए। इस दौरान कई जगह पर तार टूट गए और पेड़ भी उखड़ गए।
बिजली के पोल भी गिर गए। आंधी की रफ्तार तेज होने के चलते सबसे ज्यादा परेशानी दो पहिया वाहन स्वामियों को देखने को मिली। बारिश और तेज आंधी के बीच पूरे शहर में अंधेरा छा गया कई जगह पर तार भी टूट गए।
तेज आंधी और बारिश ने किसानों को रुला दिया। आंधी और बारिश की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि गेहूं की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है गेहूं के अलावा आम की फसल को भी सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है आम की फसल पर इस समय बोर आ रहा है और तेज आंधी के चलते आम उत्पादकों को परेशानी उठानी पड़ेगी। बारिश आंधी से शादी भी प्रभावित हो गई। मंडप मे भी लोगो को दिक्क़त का सामना करना पड़ा।
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर यूपी शाही का कहना है कि ऐसे मौसम में सबसे ज्यादा आंधी बारिश फसलों के लिए खतरनाक होता है इस समय गेहूं की फसल कटाई चल रही और थ्रीसिंग भी हो रही है ऐसे में आंधी बारिश और वालों के कारण यह कटाई रुक जाएगी और मौसम भी प्रभावित होगा।
देहात तक कई स्थानों पर आंधी तूफान ने मचाई तबाही बंद हुई विद्युत आपूर्ति
मेरठ देहात में भी आंधी तूफान ने तबाही मचाई। हस्तिनापुर में शुक्रवार की रात को क्षेत्र में कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। इस बीच सड़कों पर खड़े पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए जिसके कारण अभी भी बिजली आपूर्ति कई क्षेत्र में प्रभावित है।
बेमौसम बरसात के साथ हुई तेज हवा के साथ बारिश से क्षेत्र के किसानों का बारिश से भारी नुकसान हुआ। मवाना से मखदुमपुर और बतौरा नारंग मार्ग पेड़ गिरने के कारण यह मार्ग पूर्ण रूप से बाधित हो गया है। बिजली के खंभे टूटे आदि किसानों की गेहूं की फसल कटी पड़ी है वह जो खड़ी थी वह सब जमीन पर गिर गई और कटी फसल खेतों में तेज हवाओं के साथ बिखर गई। जिससे किसानों को काफी नुकसान की संभावना है।
वहीं क्षेत्र में कहीं स्थान पर पेड़ और बिजली के खंभे टूटने से आवागमन और विद्युत आपूर्ति में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिसके लिए वन विभाग और विद्युत विभाग की टीम लगाई गई है। चौधरी अनिल चिकारा ने शासन प्रशासन से मांग की हैं कि जो किसानों की फसलों का नुकसान हुआ है उसका तुरंत सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाए मवाना मखदुमपुर मार्ग को तुरंत चालू कराया जाए विद्युत विभाग द्वारा विद्युत के खम्बो को सही कर कर विद्युत आपूर्ति सुचारु की जाए।