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Meerut: हस्तिनापुर में दो हफ्ते की बारिश से खादर में जलभराव, बर्बाद हो रहीं गन्ना-धान की फसलें, किसान परेशान

Fri, 24 Jul 2026 01:59 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के हस्तिनापुर खादर क्षेत्र में दो सप्ताह से लगातार बारिश के कारण खेतों में जलभराव हो गया है। गन्ना और धान की फसलें प्रभावित हैं। किसानों ने जलनिकासी और फसल नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की है।
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गन्ने की फसल बरबाद - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हस्तिनापुर के खादर क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। पिछले दो सप्ताह से खेतों में पानी भरा होने के कारण गन्ना और धान की फसलें बर्बादी की कगार पर पहुंच गई हैं। जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश थमने के बाद भी खेतों से पानी नहीं निकल रहा है। लंबे समय तक जलभराव के कारण फसलों की जड़ें सड़ने लगी हैं और किसानों को भारी नुकसान की आशंका सता रही है।

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दो सप्ताह से खेतों में भरा है पानी
खादर क्षेत्र के तारापुर, दुधली, बस्तोरा नारंग और भीकुंड आदा समेत कई गांवों के किसानों का कहना है कि पिछले दो सप्ताह से लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी जमा है। बारिश रुकने के बाद भी जलनिकासी नहीं होने से स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है।

धान की फसल पूरी तरह पानी में डूबी हुई है। वहीं, गन्ने के खेतों में लंबे समय से पानी भरा होने के कारण पौधों का विकास रुक गया है। किसानों के अनुसार खेतों में बारिश के पानी के साथ बूढ़ी गंगा का पानी भी जमा है।
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जड़ें सड़ने से फसल खराब होने का खतरा
किसानों का कहना है कि लंबे समय तक खेतों में पानी भरा रहने से फसलों की जड़ें सड़ने लगी हैं। यदि जल्द ही पानी की निकासी नहीं कराई गई तो बड़ी मात्रा में गन्ने और धान की फसल नष्ट हो सकती है। किसानों के अनुसार खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है। फसल खराब होने की स्थिति में उनके सामने आर्थिक संकट गहरा सकता है।

जलनिकासी और मुआवजे की मांग
प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल खेतों से पानी निकालने की व्यवस्था कराने की मांग की है। इसके साथ ही किसानों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जाए और फसल नुकसान के आधार पर उचित मुआवजा दिया जाए।
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