अंडरपास में जलभराव से जनजीवन ही अस्तव्यस्त नहीं है, बल्कि व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित हो गया है। इस अंडरपास से कई कालोनियों के लोग बाजार में खरीददारी करने पहुंचते हैं, जो अब नहीं पहुंच रहे हैं।
बुधवार को अमर उजाला टीम ने मौके पर पहुंचकर जहां अंडरपास की स्थिति का जायजा लिया, वहीं स्थानीय लोगों से बात की। कंकरखेड़ा निवासी शुभम, अनिल और अंकित ने कहा कि अंडरपास बनते समय ही यह आशंका जताई गई थी कि यह एक दिन जनता के लिए परेशानी का सबब बनेगा। वही आज झेलना पड़ रहा है।
डिफेंस एन्क्लेव के अध्यक्ष सुदेश राणा, ठा. ओपी सिंह और गणेश अग्रवाल ने कहा कि अंडरपास न बनाने के लिए रेलवे अधिकारियों से कई बार वार्ता की, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी। रेलवे लाइन के नीचे बने अंडरपास कहीं पर भी कामयाब नहीं हैं। जब तक अंडरपास में जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक जनता परेशान ही रहेगी।
गोविंदपुरी निवासी विजय जायसवाल ने कहा कि अंडरपास में पानी भरने से बच्चों और बुजुर्गों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। सुभाषपुरी के व्यापारी नेता गौरव शर्मा ने कहा कि जलभराव के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ओपी सिंह ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो स्थानीय लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे।