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Meerut: कंकरखेड़ा रेलवे अंडरपास में जलभराव, 30 हजार लोग प्रभावित, ठप हो गया व्यापारियों का कारोबार

Thu, 29 May 2025 01:38 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

जब भी बारिश होती है, तो इस अंडरपास में कई दिनों तक पानी भरा रहता है। निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। पैदल तो क्या वाहन चालकों का निकलना तक दूभर हो जाता है। 
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अंडरपास में भरा पानी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कैंट स्टेशन के निकट सरधना रोड रेलवे लाइन अंडरपास में जलभराव ने एक बार फिर स्थानीय लोगों और व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 24 मई को हुई बारिश के पांच दिन बाद भी अंडरपास में पानी भरा है। पैदल तो क्या, वाहनों से भी लोग अंडरपास से नहीं गुजर पा रहे हैं। कंकरखेड़ा के गोविंदपुरी, सुभाषपुरी, गुरु नानक बाजार, नटेशपुरम सहित 12 इलाकों के 30 हजार से अधिक लोग प्रभावित हैं।
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अंडरपास में जलभराव से जनजीवन ही अस्तव्यस्त नहीं है, बल्कि व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित हो गया है। इस अंडरपास से कई कालोनियों के लोग बाजार में खरीददारी करने पहुंचते हैं, जो अब नहीं पहुंच रहे हैं। 
 

बुधवार को अमर उजाला टीम ने मौके पर पहुंचकर जहां अंडरपास की स्थिति का जायजा लिया, वहीं स्थानीय लोगों से बात की। कंकरखेड़ा निवासी शुभम, अनिल और अंकित ने कहा कि अंडरपास बनते समय ही यह आशंका जताई गई थी कि यह एक दिन जनता के लिए परेशानी का सबब बनेगा। वही आज झेलना पड़ रहा है।
 

डिफेंस एन्क्लेव के अध्यक्ष सुदेश राणा, ठा. ओपी सिंह और गणेश अग्रवाल ने कहा कि अंडरपास न बनाने के लिए रेलवे अधिकारियों से कई बार वार्ता की, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी। रेलवे लाइन के नीचे बने अंडरपास कहीं पर भी कामयाब नहीं हैं। जब तक अंडरपास में जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक जनता परेशान ही रहेगी।
 
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गोविंदपुरी निवासी विजय जायसवाल ने कहा कि अंडरपास में पानी भरने से बच्चों और बुजुर्गों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। सुभाषपुरी के व्यापारी नेता गौरव शर्मा ने कहा कि जलभराव के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ओपी सिंह ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो स्थानीय लोग आंदोलन करने को मजबूर होंगे।


 
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