गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस के 28 विंग में कम्युनिकेशन विभाग में तैनात वारंट अफसर की एक हादसे में जान चली गई। उनका पार्थिव शरीर रविवार को मेरठ के गंगानगर में उनके पैतृक आवास पहुंचा। जहां पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
कारगिल युद्ध के समय कम्युनिकेशन विभाग में अपना शानदार कार्य दिखाने वाले मेरठ के गंगानगर निवासी सीनियर वारंट ऑफिसर सुशील कुमार शर्मा की अपने क्वार्टर में करंट लगने से मौत हो गई। सूरजकुंड श्मशान में उन्हें सेना सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
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अपने सरल व्यवहार के लिए जाने जाने वाले मूल रूप से बुलंदशहर के स्याना निवासी वायुसेना में सीनियर वारंट अफसर सुशील कुमार शर्मा का परिवार मेरठ के गंगानगर स्थित गंगाधाम-ए कॉलोनी में रहता है। सुशील कुमार गाज़ियाबाद स्थित हिंडन एयरबेस के 28 विंग में कम्युनिकेशन विभाग एक साल पहले तैनाती हुई थी। परिजनों के अनुसार वह बेस के बाहर क्वार्टर लेकर रह रहे थे।
शुक्रवार रात ड्यूटी से आने पर वह क्वार्टर में टैंक में पानी भरने के लिए मोटर के तार लगा रहे थे। उसी समय करंट की चपेट में आ गए। आसपास के लोग उन्हें गाज़ियाबाद जिला अस्पताल में ले गए। वहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एयरफोर्स अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई। उन्होंने परिवार को हादसे कर बारे में बताया। रविवार दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद सुशील कुमार शर्मा का पार्थिव शरीर लेकर वायुसेना के जवान गंगाधाम स्थित आवास पर पहंचे। इस दौरान परिवार के लोग बिलख पड़े। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर सूरजकुंड श्मशान पर ले जाया गया।
सुशील कुमार शर्मा के साथी जूनियर वारंट अफसर केडी प्रसाद ने बताया कि वह ड्यूटी पर व्यवहार में बहुत सरल स्वभाव के थे। उन्होंने बताया कि हादसे वाले दिन ही उनकी छुट्टियां मंजूर हुई थी। वह 5 अक्टूबर से घर आने वाले थे। परंतु रात में ही हादसा हो गया। उन्होंने बताया कि 50 जवान उन्हें सलामी देंगे। वायुसेना के 28 विंग के अधिकारी भी श्मसान पहुंचे।
परिवार में पत्नी और 2 बेटे
गंगानगर की गंगाधाम ए-99 में रहने वाले शुशील कुमार शर्मा की पत्नी नेहा, 2 बेटे शिवांक और ईशांग हैं।