विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री विकास त्यागी
जमीयत उलमा-ए-हिंद द्वारा दहशतगर्दी के इल्जाम में पकड़े गए मुस्लिम नौजवानों को कानूनी मदद मुहैया कराने की घोषणा पर विश्व हिंदू परिषद (धर्म प्रसार) के प्रांत मंत्री विकास त्यागी ने कहा कि संदिग्ध आतंकियों की पैरवी करने का मतलब है कि जमीयत भी कहीं न कहीं आतंकवाद से जुड़ी हुई है।
सरकार को इसकी जांच करवानी चाहिए और देश के अंदर ऐसी संस्था पर बैन लगाना चाहिए। इतना ही नहीं विकास त्यागी ने दारुल उलूम समेत अन्य इदारों को आतंकवाद के अड्डे बताते हुए इन्हें आतंकियों की शरणस्थली बताया।
शनिवार को विकास त्यागी ने कहा कि जिन लोगों को एटीएस ने आतंकवाद के आरोप में गिरफ्तार किया है इनकी पैरवी के लिए जमीयत उलमा-ए-हिंद अपने वकील ही नहीं खड़े कर रही बल्कि जमीयत की गतिविधियां भी संदिग्ध हैं और यह भी कहीं न कहीं आतंकवादियों से जुड़े हुए हैं।