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Meerut: माननीयों की सवारी, बढ़ती गई रोडवेज की उधारी-45 साल दौड़ती रहीं VIP कारें, 8 करोड़ का बिल अटका

Mon, 15 Dec 2025 10:41 AM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ क्षेत्रीय रोडवेज कार्यालय पर माननीयों की सवारी का आठ करोड़ रुपये से अधिक बकाया हो गया है। वर्षों से वीआईपी कारें सेवा में रहीं, लेकिन भुगतान फाइलों में ही उलझा रह गया।

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वीआईपी कार - फोटो : AI
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विस्तार
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कहते हैं सफर वही जो यादगार हो। अगर सफर वीआईपी कार में हो तो यादें तो बनती हैं लेकिन भुगतान अक्सर भूल-भुलैया हो जाता है। कुछ ऐसा ही हाल उप्र परिवहन निगम के मेरठ क्षेत्रीय कार्यालय का है, जहां की वीआईपी कारें मेरठ से लखनऊ, दिल्ली से देहरादून तक माननीयों को शान से घुमाती रहीं, मगर लौटते वक्त साथ में लाईं सिर्फ बकाए की मोटी फाइलें। नतीजा यह कि रोडवेज आज आठ करोड़ से ज्यादा रुपये की उधारी लिए विभाग-दर-विभाग दस्तक दे रहा है। बहरहाल, रोडवेज के अफसर पत्र लिखने में व्यस्त हैं। हर महीने एक नया रिमाइंडर, हर तिमाही एक नई उम्मीद।

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करीब 45 साल से सरकार ने माननीयों की सेवा में वीआईपी कारों का बेड़ा तैनात कर रखा है। कभी मेरठ रीजन में 15 चमचमाती वीआईपी कारें हुआ करती थीं। वक्त बदला, सवारी बदली लेकिन भुगतान नहीं बदला। अब हालत यह है कि 15 की जगह सिर्फ दो वीआईपी कारें बची हैं।
 

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जब पीएम या सीएम का दौरा होता है, तो मेरठ कार्यालय को आसपास के जिलों से कार उधार मांगनी पड़ती है। यानी माननीयों की सुविधा जस की तस, लेकिन रोडवेज का पेट लगातार खाली। केंद्र सरकार, यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली सबके माननीयों ने इन कारों में बैठकर सत्ता के सफर तय किए। चुनाव आए तो गाड़ियां हाजिर, प्रोटोकॉल लगा तो कारें तैयार, मंत्रियों का दौरा हुआ तो सालों-साल गाड़ियां तैनात। 

n पुलिस विभाग सबसे बड़ा चार करोड़ा का कर्जदार : वर्ष 1980 से 2025 तक का हिसाब जोड़ा जाए, तो मेरठ परिवहन निगम के खाते में सवा आठ करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया खड़ा है। सबसे आगे है यूपी पुलिस विभाग, जिस पर करीब पौने चार करोड़ रुपये बकाया हैं। यानी जो कानून व्यवस्था संभालता है, वही भुगतान व्यवस्था में सबसे आगे नहीं दिखता। पंचायत चुनाव, विधानसभा चुनाव, निकाय चुनाव हर चुनाव में वीआईपी कारें दौड़ीं, लेकिन भुगतान अक्सर अगली फाइल में चला गया। 

 

दिल्ली सरकार ने किया भुगतान
हैरानी की बात यह है कि सरकारी विभाग ही नहीं, राजनीतिक दल भी इस उधारी की कतार में खड़े हैं। रिकॉर्ड बताता है कि उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी आई पर ही करीब साढ़े चौदह लाख रुपये बकाया हैं। हालांकि एक अच्छी खबर भी है कि 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में लगी वीआईपी कारों का ढाई लाख रुपये का भुगतान दिल्ली सरकार ने कर दिया। इससे यह साबित होता है कि चमत्कार अब भी होते हैं, बस हर जगह नहीं।

 
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बड़ा बकाया और बकाएदार 
यूपी पुलिस विभाग        करीब पौन चार करोड़ 
यूपी के विधान परिषद चुनाव 22    करीब साढ़े दस लाख
पंचायत चुनाव 2021        एक करोड़ 68 लाख
विधानसभा चुनाव 2022        करीब सात लाख
उप्र निकाय चुनाव         10706080
उप्र विधान सभा उपचुनाव 2024    करीब पांच लाख
प्रोटोकॉल            करीब चार लाख 
राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग        करीब 55 हजार
एससी-एसटी आयोग        करीब 48 हजार
राज्य संपत्ति विभाग        करीब 55 हजार
उप्र महिला कल्याण निगम        करीब 23 हजार
राज्य महिला आयोग        करीब 70 लाख 
श्रीटोन इंडिया लि.        करीब सवा लाख
टैबलेट, स्मार्ट फोन वितरण किराया     करीब सवा लाख

माननीयों को उपलब्ध कराई गईं कारों का पिछला बकाया अधिक चल रहा है। इस समय अधिकतर विभाग समय पर भुगतान कर रहे हैं। बकाया वसूली के लिए संबंधित विभागों से लगातार पत्राचार चलता है। अब परिवहन निगम के मेरठ क्षेत्रीय कार्यालय पर केवल दो ही वीआईपी कार रह गई हैं। - संदीप नायक, आरएम, मेरठ।
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