कोरोना संदिग्ध वार्ड में एक मरीज से बात करते मंत्री सुरेश खन्ना।
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ मेडिकल कॉलेज में सोमवार को चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना के निरीक्षण के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई है। कोरोना संदिग्ध वार्ड में मंत्री का दौरा करा दिया गया, वहां उस समय तीन संक्रमित मरीज भर्ती थे। इनमें से दो का तो मंत्री ने हाल भी पूछा था। मरीजों की मंगलवार को रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई। निरीक्षण के दौरान मंत्री के साथ भाजपा नेता सुनील भराला और विनीत अग्रवाल शारदा भी थे। बाहर इमरजेंसी वार्ड में विधायक सोमेंद्र तोमर, डीएम अनिल ढींगरा, सीएमओ राजकुमार समेत अन्य अधिकारी भी थे।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसके गर्ग का कहना है कि प्रमुख सचिव को इस बाबत जानकारी दे दी गई है। निरीक्षण के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग अपनाई गई थी। उनका कहना है कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री व अन्य लोग काफी दूर थे। मंत्री सुरेश खन्ना ने मास्क लगा रखा था और सैनिटाइजर का लगातार इस्तेमाल किया जा रहा था। वैसे भी नियम अनुसार संक्रमित व्यक्ति से करीब 15 मिनट संपर्क में रहने पर ही संपर्क माना जाता है।
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सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि मंगलवार को जो कोरोना के 14 पॉजिटिव मरीज मिले हैं उनमें छह मेडिकल कॉलेज के कोरोना संदिग्ध वार्ड में भर्ती थे। इनमें तीन मरीज सोमवार सुबह से भर्ती थे। मंगलवार को इनकी रिपोर्ट आई है। सोमवार दोपहर एक बजे चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया था। मंत्री सुरेश खन्ना के स्टाफ का भी कहना है कि बुधवार को भी लखनऊ के बाहर उनके दौरे हैं। वह क्वारंटीन नहीं होंगे।
सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं हुआ था पालन
मंत्री के निरीक्षण के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया गया था। इमरजेंसी के बाहर तीमारदारों से बातचीत के दौरान तो काफी भीड़ जुट गई थी।
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