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डिफेंस एक्सपो ने दी रोजगार की संजीवनी, डॉक शिपबिल्डर्स को 250 उत्पाद सप्लाई करेंगी मेरठ की इकाइयां 

Mon, 17 Feb 2020 12:50 PM IST
Dimple Sirohi शालू अग्रवाल, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • डॉक शिपबिल्डर्स को 250 उत्पाद सप्लाई करेंगी मेरठ की इकाइयां
  • बढ़ेगा 10 फीसद टर्नओवर, 15 प्रतिशत बढ़ सकता है रोजगार
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डिफेंस एक्सपो - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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डिफेंस एक्सपो से मेरठ में रोजगार की नई राहें खुली हैं। मुंबई की कंपनी डॉक शिपबिल्डर्स से करार होने के अलावा सैन्य उत्पाद बनाने वाली तमाम कंपनियों की निगाहें मेरठ की एमएसएमई इकाइयों की ओर लगी हैं। जहां से ये कंपनियां सस्ते दरों पर सैन्य उत्पाद व उपकरण बनाने के लिए छोटा सामान खरीद सकेंगी।
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नई कंपनियों के कदम मेरठ में पड़ने से कुशल युवाओं को रोजगार तो मिलेगा ही, आर्थिक रूप से कमजोर हो चुकी इकाइयों को पुनर्जीवन मिलने की उम्मीद जगी है। उद्यमियों के मुताबिक आने वाले दो सालों में मेरठ के कारोबार में 10 फीसद तक बढ़ोत्तरी होने व रोजगार में 15 फीसद की वृद्धि की संभावना है। मेरठ के युवाओं को घर पर ही अच्छे अवसर मिलेंगे। 

लखनऊ में हुए डिफेंस एक्सपो में आईआईए का डॉक शिपब्लिडर्स के साथ करार हुआ है। 250 छोटे उत्पाद मेरठ व आसपास के जिलों से डॉक शिपबिल्डर्स को सप्लाई होंगे। आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मेरठ के उद्यमी पंकज गुप्ता ने बताया कि एक जहाज को बनाने के लिए 250 से 300 प्रकार के छोटे उपकरणों की जरूरत होती है। कंपनियां ये उपकरण विविध क्षेत्रों से लेती हैं।

करार होने के बाद ये उपकरण अब मेरठ व पश्चिमी उप्र की अन्य इकाइयों से सप्लाई होंगे। इससे शहर के युवाओं को रोजगार मिलेगा और उद्योगों को विस्तार मिलेगा। 250 उत्पाद में से 50 उत्पाद पहले से ही मेरठ की इकाइयां बना रही हैं। इसरो, नासा, हीरो, होंडा, भारतीय रेल को सप्लाई भी कर रही हैं। इसके अलावा डीआरडीओ को भी सामान सप्लाई करने पर विचार हुआ है। 

इकाइयों के साथ वेंडर भी बनेंगे 
डॉकशिप के अलावा अन्य कंपनियों ने आईआईए से साफ कहा है कि वे अपनी इकाइयों के साथ नए वेंडर भी विकसित करें। ये वेंडर जब चाहें तब इन कंपनियों के हेडक्वार्टर में घूमने जा सकते हैं। वहां जाकर काम का माहौल समझें, काम करने के नए तरीकों व तकनीकों को जानें। ताकि अधिक कुशलता से काम कर सकें। इस प्रकार जिले में नए एमएसएमएई वेंडर बनाने पर काम होने की बात भी स्वीकृत हो चुकी है। 
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meerut news - फोटो : अमर उजाला
कलपुर्जे बनाने में माहिर हैं मेरठ की इकाइयां 
मेरठ की औद्योगिक इकाइयाें में कलपुर्जे, केमिकल, तार आदि बनाने का काम बड़े स्तर पर होता है। शहर की कई इकाइयां ये छोटे सामान दूसरे देशों को निर्यात भी करती हैं। सैन्य उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को मेरठ की इकाइयां इलेक्ट्रानिक्स, पेंट एंड इनेमल्स, कीलों का निर्यात करती हैं।

डिफेंस एक्सपो में हुए एमओयू के बाद मेरठ की कंपनियां तार, सोलर उत्पाद, एलईडी प्रोडक्ट, मैकेनिकल वर्क, ऑटोमोबाइल स्पेयर पार्ट्स, गद्दे, फर्नीशिंग, पंखे, बिजली के उपकरण, शीशे, लकड़ी का सामान, सिल्वर सामान, तार, पंप से लेकर तमाम सामान दे सकती हैं। मेरठ के कारीगर हाथ की कारीगरी में निपुण हैं। ऐसे कारीगरों की इस क्षेत्र में अधिक आवश्यकता है जो मेरठ के युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है। 

मेरठ के लिए बड़ा अवसर
डिफेंस एक्सपो से मेरठ समेत पूरे पश्चिमी उप्र में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं और आगे बढ़े हैं। क्योंकि जिन कंपनियों से करार हुआ है उन कंपनियों को कुशल कारीगरों के अलावा छोटे-छोटे उत्पाद भी चाहिए। जिनकी पूर्ति एमएसएमई के माध्यम से होगी। -पंकज गुप्ता, राष्ट्रीय अध्यक्ष, आईआईए
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