कस्बा शाहजहांपुर निवासी दो नाबालिग दोस्तों सादिक और अमन की पांच साल पहले हत्या कर ई-रिक्शा लूटने के दोषी नित्यानंदपुर गांव के जाहिद को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितेश सचदेवा ने दोषी पर 38 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में सुनवाई के दौरान कुल 13 गवाह पेश किए गए थे।
अभियोजन के अनुसार, किठौर थाना क्षेत्र के कस्बा शाहजहांपुर निवासी जाने आलम ने पुलिस को शिकायत दी थी। उनका कहना था कि 28 अगस्त 2021 को उनका नाबालिग बेटा सादिक अपने दोस्त अमन के साथ ई-रिक्शा लेकर निकला था। इसके बाद दोनों घर वापस नहीं लौटे। दोनों की आयु लगभग 14-15 वर्ष थी।
अगले दिन फतेहपुर नारायण गांव के जंगल में स्थित एक आम के बाग से दोनों बच्चों के खून से लथपथ शव मिले थे। चाकू से गला रेतकर उनकी हत्या की गई थी। पुलिस और सर्विलांस टीम ने जांच के दौरान करीब 60 सीसीटीवी की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर पुलिस ने नित्यानंदपुर (किठौर) निवासी जाहिद को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद पुलिस ने जांच की और उसके खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। कोर्ट ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयान और वकीलों की बहस सुनने के बाद सोमवार को जाहिद को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
दोस्त के 50 हजार चुकाने के लिए रची साजिश
जांच में खुलासा हुआ था कि जाहिद ने अपने साथी से 50 हजार रुपये का कर्ज लिया था। इसे चुकाने के लिए उसने ई-रिक्शा लूटने की साजिश रची थी। उसने खाद के कट्टे लादने के बहाने सादिक का ई-रिक्शा 150 रुपये में किराए पर लिया और दोनों बच्चों को जंगल में ले गया था। वहां उसने एक-एक करके दोनों की गला दबाकर और चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया था कि सादिक और अमन उसे पहचानते थे। पकड़े जाने के डर से उसने दोनों की हत्या कर दी थी।