मेरठ में मवाना रोड, रुड़की रोड और दिल्ली रोड पर कैंट बोर्ड की ओर से वाहनों से प्रवेश शुल्क वसूली के विरोध में ट्रांसपोर्टर सोमवार रात 10 बजे से चक्का जाम करेंगे। 48 घंटे का अल्टीमेटम खत्म होने के बाद ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने यह फैसला किया है। दोबारा से वसूली शुरू होने के बाद पिछले चार दिन से शहर लगातार जाम की समस्या झेल रहा है। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन चुप्पी साधे रहा। रविवार को भी कई जगह जाम लगा रहा।
आठ जनवरी की रात दस बजे से कैंट बोर्ड ने वाहन प्रवेश शुल्क वसूलना शुरू किया, जिसके बाद यातायात व्यवस्था चौपट होनी शुरू हो गई। कैं ट बोर्ड ने मवाना रोड, रुड़की रोड और दिल्ली रोड पर वाहन प्रवेश शुल्क वसूलने के लिए बैरियर लगा दिए। जहां कैंट बोर्ड व्यावसायिक वाहनों से वाहन प्रवेश शुल्क वसूल रहा है। वसूली से बचने के लिए व्यावसायिक वाहन शहर की आंतरिक सड़कों से निकलने लगे हैं। इसके चलते शहर के मुख्य सड़कों दिल्ली रोड, गढ़ रोड और हापुड़ रोड के अलावा मोहल्लों की भी सड़कें जाम की चपेट में आ रही हैं। ट्रैफिक पुलिस को जाम खुलवाने की मशक्कत से जूझना पड़ रहा है।
रविवार को जहां दिन में दिल्ली रोड, बच्चा पार्क, बेगमपुल, जीरो माइल और डेयरी फार्म पर वाहन जाम में रेंगते रहे। शाम होते ही दिल्ली रोड पर वाहनों की लाइन लग गई। व्यावसायिक वाहनों के चालक वाहन प्रवेश शुल्क देने से बचने के लिए दिल्ली रोड पर रेलवे रोड चौराहे से घंटाघर, छतरी वाला पीर और जली कोठी से निकल रहे हैं।
फैज ए आम इंटर कॉलेज के सामने वाहनों से प्रवेश शुल्क वसूला जा रहा है। जीरो माइल चौराहे से रुड़की रोड पर जाम की स्थिति का भी यही हाल रहा। रुड़की रोड पर भी वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। मवाना रोड पर कमिश्नर आवास चौराहे से लेकर डेयरी फार्म तक वाहन जाम से जूझते रहे। वहीं रात में ट्रकों की भी लाइन लगी रही।
डीएम और कमिश्नर को सौंपेंगे ज्ञापन
मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गौरव शर्मा का कहना है कि शुक्रवार को ट्रांसपोर्टर एडीएम सिटी से मिले थे। एडीएम को 48 घंटे का समय दिया था। कैंट बोर्ड पीडब्लूडी और एनएचएआई द्वारा बनाई गई सड़कों पर वसूली कर रहा है। यह गलत है। सोमवार को डीएम और मंडलायुक्त को भी ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी ज्ञापन सौंपेंगे। रात 10 बजे से चक्का जाम करेंगे।
रैपिड रेल के लिए पाइल टेस्ट का काम शुरू
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना रैपिड रेल के लिए काम तेजी से चल रहा है है। रैपिड रेल और मेट्रो के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के ओल्ड कैंपस में बनी बायोकंट्रोल लैब और पॉली गार्डन को भी हटाने का समय आ गया है। रविवार से कैंपस के बाहर रैपिड के लिए फाउंडेशन लगाकर पाइल टेस्ट शुरू कर दिया गया है।
कृषि विवि का ओल्ड कैंपस मोदीपुरम हाईवे पर स्थित है। यहां पर विवि की बायोकंट्रोल लैब और पॉली गार्डन भी है। विवि की भूूमि पर करीब 29 पिलर एलिवेटेड बनाए जाएंगे। जिस पर रैपिड रेल और मेट्रो चलेगी। एक पिलर ढाई से तीन मीटर में बनाया जाएगा। कृषि विवि के ओल्ड कैंपस में बनी बायोकंट्रोल लैब का आगे का हिस्सा इसमें जा रहा है।
हाईवे से एलिवेटेड रोड की दूरी 30 मीटर अंदर तक रहेगी। जिसके चलते 6 हजार स्कवायर भूमि विवि की जा रही है। रविवार से हाईवे के बाहर रैपिड रेल के लिए फाउंडेशन लगाकर पाइल टेस्ट का काम शुरू कर दिया गया है। रैपिड रेल के लिए जगह भी चिन्हित कर ली गई है। हाईवे किनारे विवि ओल्ड कैंपस के बाहर सफाई कर वहां पर लोहे के फाउंडेशन से बाउंड्री भी तैयार की जाएगी।
आईआईएफएसआर की भी जाएगी जगह
मोदीपुरम में हाईवे स्थित भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान परिसर की करीब दो हजार स्कवायर भूमि भी जा रही है। जिसका खाका पहले ही तैयार कर लिया गया था। कृषि विवि का ओल्ड कैंपस और आईआईएफएसआर की जगह आसपास है। हाईवे पर रैपिड रेल और मेट्रो को एक ही ट्रैक पर चलाया जाएगा। जिसके लिए दोनों संस्थानों की जगह को लेना होगा।