इरा मॉल चौकी प्रभारी राजदेव पूनिया और पुलिसकर्मी वहां पहुंचे। इस दौरान चौकी इंचार्ज राजदेव ने अश्वनी के टेंपो का 500 रुपये का चालान कर दिया। इस पर अश्वनी ने विरोध करते हुए कहा कि वह टेंपो को कहां खड़ा करे। क्या सड़क पर सवारी बैठाना गुनाह है। इस दौरान अन्य टेंपो चालक भी पहुंच गए।
अश्वनी और अन्य लोगों ने पुलिस पर हफ्ता वसूली का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। जिसके बाद दरोगा और पुलिसकर्मी वहां से चले गए। शाम करीब पौने चार बजे प्रधान अश्वनी ने मलियाना पुलिस चौकी के पास फ्लाईओवर के नीचे एक स्कूटी से पेट्रोल निकाला और अपने ऊपर उड़ेलकर आग लगा ली। यह देखकर सनसनी फैल गई। किसी तरह आसपास के लोगों ने आग बुझाई।
अश्वनी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना पर अश्वनी के परिजन पहुंच गए और अस्पताल में हंगामा करते हुए दरोगा पर तेल छिड़ककर आग लगाने का आरोप लगाने लगे। एसओ टीपीनगर दिनेश चंद्र ने समझाने की कोशिश की तो भीड़ ने एसओ से धक्कामुक्की और गाली गलौज कर दी।
हंगामे की सूचना पर एसपी सिटी एएन सिंह, सीओ चक्रपाणि त्रिपाठी, एसडीएम सदर और एसीएम ब्रह्मपुरी पहुंच गए। अश्वनी के मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज किए गए। वहीं, परिजनों ने चौकी इंचार्ज पर धमकाने और साजिशन आग लगाने का आरोप लगाया। एसपी सिटी ने बताया कि चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है। पूरे प्रकरण की जांच सीओ ब्रह्मपुरी को सौंपी गई है।