मेरठ में ट्रैफिक पुलिस की शहर में अवैध रूप से दौड़ रहे वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। अब तक सौ से ज्यादा अवैध वाहनों को सीज किया जा चुका है। वहीं कई रूटों पर बसें नहीं होने से यात्रियों को अभियान के कारण ऑटो आदि नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मेरठ ट्रैफिक पुलिस का शहर में दौड रहे अवैध वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान जोर शोर से चल रहा है। अभियान के दूसरे दिन शुक्रवार को भी पुलिस ने अवैध वाहनों को निशाना बनाए रखा। सड़कों पर दौड़ रहे इन वाहनों को रोक-कर सीज किया गया। साथ ही इनसे जुर्माना भी वसूला जा रहा है। पुलिस की इस कारवाई से लोगों पर बेहद असर पड़ा और वो परेशान होकर प्रशासन को कोसते दिखाई दे रहे हैं। अब तक सौ से ज्यादा अवैध वाहनों को सीज किया जा चुका है।
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मेरठ में अवैध वाहनों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने अभियान छेड़ा हुआ है। शासन के निर्देश पर अवैध रूप से शहर में दौड़ रहे वाहनों के खिलाफ गुरुवार को कारवाई शुरु की गई। ट्रैफिक पुलिस ने 93 ऑटो, ई-रिक्शा व कार टैक्सी को सीज किया। जुर्माने की राशि भी वसूल की गई। ट्रैफिक पुलिस ने आरोपियों से 24,500 समन शुल्क वसूला।
इसी कड़ी में शुक्रवार को अभियान का असर तेज हो गया। सड़कों पर पुलिस एक्शन मोड पर रही। जगह-जगह अवैध वाहनों को रोक-कर सीज किया गया। हालांकि इसका असर लोगों को झेलना पड़ा। ऑफिस व अन्य जरूरी कार्य से निकलने वाले लोगों को शहर के रूट पर खड़े रहकर घंटों इंतजार करना पड़ा।
मोदीपुरम, बेगमपुल, दिल्ली चुंगी, परतापुर व बाकी इलाकों में इक्का-दुक्का ऑटो दिखाई दिए, और वो भी इन लोगों को मंजिल तक पहुंचाने के लिए तैयार नहीं थे। कामकाजी लोगों पर इस अभियान का असर नजर आया। लोग देरी से दफ्तर पहुंचे। कई रूटों पर बसें व अन्य वाहन न होने के कारण लोग प्रशासन को भी कोसते भी नजर आए।
वहीं, एसपी ट्रैफिक जितेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि लगातार अवैध रूप से चलने वाले वाहनों के खिलाफ कारवाई आगे भी जारी रहेगी।