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मेरठ: एमडीए बोर्ड बैठक में प्राचीन शहर पर चर्चा नहीं, व्यापारियों में रोष, विरोध में जलाएंगे पुतला

Mon, 19 Oct 2026 10:42 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में प्राचीन शहर के ध्वस्तीकरण पर चर्चा नहीं होने से व्यापारियों में रोष है। संयुक्त व्यापार संघ ने अलग प्रबंधन प्राधिकरण बनाने की मांग उठाई।

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व्यापरियों की ओर से तैयार किए गए पुतले। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) की बोर्ड बैठक में प्राचीन शहर के ध्वस्तीकरण के विषय पर चर्चा नहीं होने से व्यापारियों में रोष है। संयुक्त व्यापार संघ के निर्वाचित अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने इस मुद्दे को शहर की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया है। वहीं, संयुक्त व्यापार संघ के कोषाध्यक्ष विजय आनंद अग्रवाल ने पुराने शहर को एमडीए के अंतर्गत न लेने और इसके लिए अलग प्रबंधन प्राधिकरण बनाने की मांग की है। वहीं मेडा के विरोध में आज व्यापारी पुतला दहन करेंगे।

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प्राचीन शहर की सीमाएं निर्धारित करने के लिए सर्वेक्षण की मांग
नवीन गुप्ता ने कहा कि प्राचीन शहर की सीमाएं निर्धारित करने के लिए अब तक भौगोलिक सर्वेक्षण नहीं हुआ है। ऐतिहासिक रूप से यह शहर नौ दरवाजों और परकोटे के भीतर बसा है।

खैर नगर, लाला का बाजार, सुभाष बाजार, शहर सराफा और घंटाघर जैसे प्रमुख बाजार इसी क्षेत्र में हैं। यहां प्रतिदिन करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। ऐसे में प्राचीन शहर से जुड़े विषय को शहर की अर्थव्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाना चाहिए।
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पुराने शहर के लिए अलग प्रबंधन प्राधिकरण बनाने की मांग
संयुक्त व्यापार संघ के कोषाध्यक्ष विजय आनंद अग्रवाल ने पुराने शहर को एमडीए के अंतर्गत न लेने की मांग की। उन्होंने इसके लिए अलग प्रबंधन प्राधिकरण बनाने का सुझाव दिया। विजय आनंद अग्रवाल ने कहा कि ध्वस्तीकरण किसी समस्या का समाधान नहीं है।

सेटबैक नियमों को बताया अव्यावहारिक
विजय आनंद अग्रवाल ने भू-उपयोग परिवर्तन और फ्रंट, बैक व साइड सेटबैक से जुड़े नियमों को अव्यावहारिक बताया। उन्होंने कहा कि पांच फीट से 24 फीट तक चौड़ी सड़कों वाले सघन बाजारों में इन नियमों का पालन करना कठिन है। इसके कारण पुरानी इमारतों की मरम्मत और पुनर्निर्माण में भी परेशानी आ रही है।

उपाध्यक्ष तरुण गुप्ता, विकास गिरधर, मनीष शर्मा और अमित बंसल ने कहा कि इसी के विरोध में आज घंटाघर के पास मेडा के विरोध में पुतले जलाए जाएंगे।
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