मेडिकल में 847 मरीज मरीज भर्ती हैं। इतने ही उनके तीमारदार हैं। इनके अलावा चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और छात्र-छात्राओं समेत करीब एक हजार लोग और हैं। जिन्हें पानी की परेशानी झेलनी पड़ी। मेडिकल में सोमवार को 70 ऑपरेशन किए जाने थे। इनमें से 35 ऑपरेशन ही हो पाए। ऑपरेशन में धुलाई के लिए पानी का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। जो ऑपरेशन टालने पड़े उनमें, पित्त की थैली, बच्चेदानी, आंखों में लैंस डालने और पेशाब की थैली आदि के थे।
हॉस्टल में पानी की सप्लाई बाधित होने से छात्र-छात्राओं को भी दिक्कत हुई। दोपहर बाद दो पानी के टैंकर मंगाए गए, इनमें एक अस्पताल परिसर और दूसरा हॉस्टल के लिए था। रात 8 बजे एक ट्यूबवेल चालू कराया गया, तब जाकर व्यवस्था थोड़ी ठीक हुई। दो ट्यूबवेल अभी भी खराब हैं। पानी की पूरी सप्लाई मंगलवार को ही हो पाएगी।
वोल्टेज में अत्याधिक उतार-चढ़ाव के कारण मेडिकल कॉलेज कैंपस के तीन ट्यूबवेल ने कार्य करना बंद कर दिया। इस कारण पानी की सप्लाई बाधित हुई। एक ट्यूबवेल ठीक करा दिया गया है जबकि दो की मरम्मत का कार्य चल रहा है। नगर निगम से पानी के टैंक की व्यवस्था कराई गई है। - डॉ. आरसी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
अब ऑपरेशन नहीं टालने पड़ेंगे। जिनके ऑपरेशन आज टले हैं, उनमें से अधिकांश के ऑपरेशन मंगलवार को कर दिए जाएंगे। पानी की सप्लाई की पुख्ता व्यवस्था कराई जा रही है। - डॉ. धीरज राज, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज
वापस जा रहे हैं, क्या करें
जागृति विहार निवासी कमलेश का पित्त की थैली का ऑपरेशन होना था, मगर पानी की समस्या की वजह से नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि 15 दिन बाद ऑपरेशन का नंबर लगा था। अब घर जा रहे हैं, क्या करें। कल फिर बुलाया है, देखते हैं कल होता है या नहीं।
एक सप्ताह से कर रहे थे इंतजार
इस्लामाबाद के अब्दुल करीम का आंख का ऑपेरशन होना था, उन्होंने बताया कि एक सप्ताह में नंबर लगा था। आज ऑपरेशन टालना पड़ा है। कल फिर बुलाया है। उम्मीद है कि कल ऑपरेशन हो जाएगा।
शौचालयों में फैली दुर्गंध, संक्रमण का खतरा
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में मोटर खराब होने से 22 घंटे बिल्कुल भी पानी की आपूर्ति नहीं हुई। इस वजह से लाल बिल्डिंग के सर्जिकल वॉर्ड, हड्डी रोग विभाग समेत सभी जगह शौचालय में दुर्गंध पैदा हो गई। अस्पताल में गंदगी से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। शौचालय में पानी न होने के कारण तीमारदारों को अपने और अपने मरीज के लिए पानी लेने के लिए बोतल लेकर आना पड़ा।
हमारे मरीज का पथरी का ऑपरेशन हुआ है, उसके लिए पानी की व्यवस्था नहीं होने से बाहर से पानी लाने की मजबूरी है। पूरा दिन हो गया है, शौचालयों में भी दुर्गंध से बुरा हाल है। - राज सिंह, बुलंदशहर, तीमारदार
रात में ही दिक्कत होने लगी थी, सुबह से तो बड़ी परेशानी है। पानी के अभाव से साफ-सफाई भी नहीं हुई है। - नरेंद्र सिंह, बुलंदशहर, तीमारदार
पानी न आने से अस्पताल की गैलरी में ही हाथ-पैर धोने को मजबूर हैं। ऐसे में कोई अधिकारी न देखने आया है न ही किसी तरह की सफाई हो रही है। - अमित सिंह, मुजफ्फरनगर, मरीज
प्रथम तल पर बने सर्जिकल वार्ड से नीचे जाकर पानी लाना पड़ रहा है। सुबह चार चक्कर लगा चुका हूं। बहुत परेशानी हो रही है। -दिनेश, मेरठ तीमारदार