हस्तिनापुर में 11 सितंबर की शाम बाइक सवार छह युवकों ने माखननगर निवासी नितिन नागर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं नितिन की बहन अनामिका ने सीएम योगी से इंसाफ की मांग की है।
हस्तिनापुर कस्बे में हुई नितिन नागर (22) की हत्या के मामले में पुलिस ने मंगलवार को तीन आरोपियों अंकुर, कृष चौहान और अपार मावी को गिरफ्तार किया है। सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच में इनकी भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस पहले ही दो आरोपियों मिट्ठू चौधरी और उत्सव को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। उधर, नामजद एक आरोपी ऋषभ ने मंगलवार को पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया है।
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बहसूमा थाना क्षेत्र के माखननगर निवासी सतीश के बेटे नितिन नागर की शुक्रवार 11 सितंबर को कस्बे के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के समीप गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के पिता ने हस्तिनापुर के जे-ब्लॉक निवासी सत्या उर्फ मिट्ठू चौधरी, उत्सव पाली, रानी नंगला निवासी गोल्डी, ऋषभ, जंधेड़ी निवासी शक्ति और एक अज्ञात के खिलाफ हस्तिनापुर थाने पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले में सोमवार को मिट्ठू चौधरी और उत्सव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
नए नाम सामने आने पर हुई गिरफ्तारी
सीओ पंकज लवानिया ने बताया कि विवेचना के दौरान कुछ नए नाम प्रकाश में आए। इनमें मवाना के तिहाई निवासी कृष चौहान, जंधेड़ी निवासी अंकुर और मवाना के अशोक विहार निवासी अपार मावी शामिल हैं। पुलिस ने तीनों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया है। आरोपियों को किशोरपुर नहर पुल और गंगनहर, मवाना के पास से पकड़ा गया। इनके पास से दो तमंचे, कारतूस और वारदात में शामिल स्कूटी बरामद हुई है। तीनों को कोर्ट में पेश करके न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
कई टीमें जांच में जुटी थीं
सीओ पंकज लवानिया ने बताया कि हत्याकांड के बाद से ही पुलिस की कई टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही थीं। तकनीकी साक्ष्यों और सीडीआर की जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जा रही है। मामले की विवेचना अभी जारी है। जांच में यदि अन्य संदिग्धों के नाम या साक्ष्य सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नितिन की बहन की गुहार... मेरे भाई को इंसाफ दिला दो
मेरी गुहार है मेरे भाई को इंसाफ दिला दो। नितिन को खोने के पांच दिन बाद मंगलवार को मीडिया के सामने आई उसकी बहन अनामिका नागर की यह गुहार सुनकर हर आंख नम हो गई। भाई को याद करते हुए अनामिका की आंखों से आंसू छलक पड़े और आवाज भर्रा गई। उन्होंने कहा कि उनका भाई निर्दोष था। भैया को वापस तो नहीं ला सकते, लेकिन कम से कम हमें इंसाफ तो दिला सकते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि नितिन की मौत के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो, ताकि किसी और बहन को अपने भाई के लिए इस तरह न्याय की गुहार न लगानी पड़े।
नितिन के पिता सतीश नागर ने कहा कि उनका इकलौता बेटा था। बेटे को खोने के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है। भावुक पिता ने कहा, हमारा तो सब कुछ उजड़ गया। उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि उनके बेटे के मामले में न्याय मिलेगा। नितिन के मामा मनोज कुमार ने भी योगी सरकार पर भरोसा जताते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि जेल जा चुके आरोपियों के मुकदमे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर दोष सिद्ध होने पर कठोर सजा दिलाई जाए।
मनोज कुमार ने पुलिस-प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि घटना से पहले आरोपियों ने दूसरे व्यक्ति के मकान पर गोली चलाई थी और इसकी फुटेज भी मौजूद थी। इसके बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय समझौता कराकर प्रकरण को रफा-दफा कर दिया। उनका कहना है कि यदि उस समय पुलिस ने सख्त कार्रवाई की होती तो शायद नितिन के साथ हुई वारदात को टाला जा सकता था।
ये है मामला
11 सितंबर की शाम हस्तिनापुर में बाइक सवार छह युवकों ने माखननगर निवासी 22 वर्षीय नितिन नागर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक के पिता सतीश ने सत्या उर्फ मिट्ठू निवासी जे-ब्लॉक कॉलोनी हस्तिनापुर, गोल्डी निवासी रानी नंगला, ऋषभ व शक्ति निवासी जंधेड़ी, उत्सव निवासी पाली और एक अज्ञात के खिलाफ हस्तिनापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
नितिन हत्याकांड में लापरवाही पर एसएसआई, दो दरोगा और सिपाही निलंबित
एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने हस्तिनापुर थाने के एसएसआई सतीश कुमार, एसआई मनीष कुमार, ऋषिकेश और सिपाही तरुण को निलंबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई पुलिसकर्मी अपने कार्य में लापरवाही करेगा तो उस पर कार्रवाई जरूर की जाएगी।