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Meerut: कार फाइनेंस कराकर बैंकों को ऐसे लगाते थे चूना, एसटीएफ ने पकड़ा सरगना तो सामने आए चौंकाने वाले राज

Wed, 04 Jun 2025 11:16 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

किठौर निवासी गिरोह का सरगना अनंगपाल अपनी पत्नी और अन्य साथियों के साथ मिलकर किराए के पते पर महंगी कारें बैंक से फाइनेंस कराता था। उसके बाद किराए का मकान छोड़कर आधार कार्ड में भी पता बदलवा देता था। 
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अनंगपाल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) मेरठ यूनिट ने कार का लोन लेकर फ्रॉड करने वाले गिरोह के सरगना अनंगपाल निवासी गांव छुछाई, किठौर को किला परीक्षितगढ़ रोड से गिरफ्तार किया है। वह मेडिकल थाने में 2020 में दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में भी पांच साल से वांछित चल रहा था। भावनपुर थाने से पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
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एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी अनंगपाल और उसके साथी विभिन्न बैंकों में किराए के मकान का पता दर्शाते हुए गाड़ी खरीदते थे। इसके बाद बैंक से लोन लेने वाले और मकान का पता आधार कार्ड में बदलकर बैंक में गाड़ी की किस्त जमा नहीं करते थे। बाद में उन गाड़ियों को भारी मुनाफे में बेच देते थे। अनंगपाल के पास से सात आधार कार्ड, पांच एटीएम कार्ड, चार पैन कार्ड, पांच चेक बुक, एक पासबुक, उद्यम प्रमाण पत्र, फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो कार बरामद हुई है।
 

ऐसी हुई गिरफ्तारी
एएसपी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि एसटीएफ को बैंकों में किराए के मकान का पता दर्ज कराकर गाड़ी खरीदने के नाम पर लोन लेने वाले, आधार कार्ड में मकान का पता बदलकर बैंकों में गाड़ी की किस्त जमा न कर उन गाड़ियों को भारी मुनाफे में बेचने वाले गिरोह के बारे में जानकारी मिली थी। 
एसटीएफ मेरठ के निरीक्षक रविंद्र कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। जांच के दौरान अनंगपाल के बारे में जानकारी मिली। मंगलवार रात करीब आठ बजे वह किला परीक्षितगढ़ रोड पर कृष्णा पब्लिक स्कूल के पास अपने साथी से मिलने के लिए आया था। वहीं से एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
 

ऐसे करते हैं धोखाधड़ी
पूछताछ में अनंगपाल नागर ने बताया कि वह अपने साथियों प्रीति, प्रमोद, आकाश, प्रदीप शर्मा आदि के साथ मिलकर योजना बनाकर अलग-अलग बैंकों में जाकर महंगी गाड़ियों को खरीदने के लिए अपने साथियों के नाम पर उनका फाइनेंस कराता है। गाड़ी फाइनेंस होने पर बैंक में दिए गए पते से संबंधित स्थान को छोड़कर अन्यत्र स्थान पर रहने लगते हैं, ताकि उन्हें फाइनेंस की किस्त न भरनी पड़े। 
इसके पश्चात कुछ महीनों के बाद यह लोग लोन पर ली गई उस गाड़ी को बेच देते हैं। इसके गिरोह में उसकी पत्नी भी शामिल है। उसने अपनी महिला मित्र के नाम पर उद्यम का नाम प्रीति डेयरी में फ्लेट नंबर-601 नेक्टर टावर अंसल टाउन मोदीपुरम मेरठ का पता दर्शाते हुए ऑनलाइन फर्जी रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि इस पते पर प्रीति डेयरी नाम से कोई उद्यम नहीं था।
 

इन कारों का कराया था फाइनेंस
आरोपी से बरामद फॉर्च्यूनर कार अनंगपाल ने अपने ही गांव के रहने वाले अपने साथी के नाम से एसबीआई शाखा ब्रह्मपुरी मेरठ से मार्च 2025 में 40 लाख रुपये में फाइनेंस कराई थी। अनंगपाल नागर से इंडियन बैंक शाखा यूनिवर्सिटी मेरठ से फाइनेंस हुई स्कार्पियो कार 2024 में अपने मित्र महिला के नाम से 18 लाख 50 हजार रुपये में फाइनेंस कराई थी, जिसमें महिला मित्र के पति का नाम एवं पता भी गलत दर्शाया गया था। 
 
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कार फाइनेंस होने के बाद अपनी महिला मित्र को दिए गए पते से हटवा दिया था और कार को 11 लाख रुपये में फरवरी 2025 में मोहित सिवाच के पास गिरवी रख दिया। उसने महिला मित्र के नाम एक कार हाईराइडर 2024 में टोयटा फाइनेंस कंपनी से 18 लाख रुपये में फाइनेंस कराई थी, जिसे प्रदीप शर्मा चला रहा है। 
इसके अलावा उसने एक और हाईराइडर कार आईसीआईसीआई गुरुग्राम बैंक से अपने साथी के फर्जी पते पर 18 लाख में फाइनेंस कराई थी, जो स्पिनी कंपनी राजनगर एक्सटेंशन गाजियाबाद को 16 लाख रुपये में बेच दी। एक फॉर्च्यूनर कार उसने अपनी पत्नी के नाम एसबीआई ब्रह्मपुरी शाखा से 40 लाख रुपये में फाइनेंस कराई। उसे कुछ समय बाद विक्की पंडित निवासी आबूलेन मेरठ को 14 लाख रुपये में बेच दिया था।
 
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