साइबर ठग रोज नए तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। साइबर अपराधियों ने शहर की प्रयाग कॉलोनी निवासी बिल्डर के मोबाइल में एपीके फाइल इंस्टाल कराकर उनके तीन बैंक खातों से 17.75 लाख रुपये निकाल लिए। बिल्डर ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि जिन खातों में रकम ट्रांसफर की गई है, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। बैंकों को रकम फ्रीज करने के लिए रिपोर्ट भेजी गई है।
गढ़ रोड पर आनंद अस्पताल के निकट मोती प्रयाग कॉलोनी निवासी बिल्डर वैभव गौड़ ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि 26 अगस्त को वह सोकर उठे तो उनके मोबाइल में कॉल फॉरवर्ड होने का नोटिफिकेशन आया हुआ था। उन्होंने मोबाइल चेक किया तो एक अनजान नंबर पर उनकी कॉल फॉरवर्ड थी।
उन्होंने कॉल फॉरवर्ड हटाया तो उनके नंबर पर मेसेज आने शुरु हो गए। मेसेज में उनके तीन बैंक खातों से 17.75 लाख रुपये निकलने की जानकारी थी। वह शिकायत लेकर साइबर क्राइम थाने पहुंचे तो अफसर ने उनका मोबाइल स्कैन किया तो मोबाइल में संदिग्ध एपीके फाइल मिली।
यह फाइल कुछ दिन पहले व्यापार से संबंधित व्हाट्सएप ग्रुप में आई थी। तब उन्होंने फाइल खोलकर देखी तो कुछ गलत लगा। इस पर उन्होंने फाइल बंद कर दी थी, लेकिन तब तब फाइल मोबाइल में इंस्टाल हो चुकी थी। यह फाइल हरिद्वार की रितु टेक कंपनी के एकाउंटेंट योगेश पनेरु नाम के व्यक्ति ने भेजी थी। पुलिस ने योगेश पनेरु के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।
बुजुर्ग के खाते से निकाले 2.21 लाख रुपये
हापुड़ रोड बच्चा पार्क निवासी समरीश सोमाल ने बताया कि 21 जून और 23 जून को उनके पास दो अलग-अलग नंबरों से कॉल आई। कॉलर ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर उनके खातों से संबंधित जानकारी ले ली। इसके बाद उनके खाते से 2.21 लाख रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित ने पुलिस से मामले में कार्रवाई करते हुए रकम वापस दिलाने की मांग की। एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। मोबाइल नंबरों के आधार पर आरोपियों को तलाश किया जा रहा है।