न्यायालय एसीजेएम एमपीएमएलए नदीम अनवर ने चौधरी चरण सिंह विवि में तोड़फोड़ करने के मामले में फैसला सुना दिया। आरोपी तत्कालीन छात्र नेता सोमेंद्र तोमर, कृष्ण, राहुल त्यागी, अरुण कुमार, विशाल सारस्वत और ईश्वर चंद सागर को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
कोर्ट में दायर वाद के अनुसार 14 अगस्त 2003 को चौधरी चरण सिंह विवि के बीएड विभाग में कुछ शिक्षक कार्य कर रहे थे। तभी कुछ छात्र आए और अंकतालिका के संबंध में बात करने लगे। इसी दौरान शिक्षकों के साथ हुए विवाद में छात्रों ने सरियों और डंडों से दरवाजे व शीशे तोड़ दिए।
इसके बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। न्यायालय में आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने केस को झूठा बताते हुए अपनी ओर से दलीलें पेश कीं। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को दोषमुक्त करार दे दिया।
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नाबालिग से छेड़छाड़ के दोषियों को तीन वर्ष का कारावास
न्यायालय अपर जिला जज (विशेष न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम) संगीता ने नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में आरोपी अंकित व प्रिंस निवासी लिसाड़ी मेरठ को दोषी पाते हुए 3-3 वर्ष के कारावास से दंडित किया। वादी पक्ष की ओर से थाना लिसाड़ी गेट में 13 अगस्त 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसमें आरोप लगाया कि पीड़िता किराना का सामान लेने दुकान पर जा रही थी। तभी आरोपियों ने छेड़छाड़ की। आसपास के लोग पहुंचे तो आरोपी भाग गए। न्यायालय में उनके खिलाफ तमाम गवाह पेश किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखकर यह सजा सुनाई।