एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने शाम को घटनास्थल पर जाकर जांच की। पूरे दिन पुलिस इस मामले की जांच पड़ताल में लगी रही। पुलिस ने पीड़ित परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की। आसपास के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी खंगाली। देर शाम जेवरात घर पर मिल गए, जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
हाजी इरशाद ने 20 दिन पहले अपनी बेटी तमरीन की शादी लिसाड़ीगेट के नीचा सद्दीकनगर निवासी आढ़ती नौशाद के बेटे भूरा से की थी। बताया गया कि शादी में लगभग पांच करोड़ रुपया खर्च किया गया। इरशाद ने बेटी तमरीन को एक किलो सोने व डायमंड के जेवरात दिए थे।
इरशाद ने बताया कि दो दिन पहले ही तमरीन मायके आई थी। बृहस्पतिवार सुबह वह आढ़त पर चला गया। घर पर बेटी तमरीन के अलावा पत्नी, बेटे, पुत्रवधू समेत 14 लोग मौजूद थे। इरशाद ने बताया कि बेटा सोहेल सुबह सात बजे नाश्ते का सामान लेने गया था। वापस आया तो देखा कि जिस सेफ में तमरीन के जेवरात रखे थे, उसमें से सोने चांदी व डायमंड के जेवरात व नकदी का डिब्बा गायब है।
जिस कमरे में सेफ रखी थी, उसमें इरशाद पत्नी के साथ सोया हुआ था। चोरी का पता न तो उन्हें लगा, न ही सेफ का ताला टूटा। सेफ में रखा काफी कैश भी चोरी होने से बच गया। सूचना तत्काल बनियापाड़ा पुलिस चौकी व कोतवाली थाना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच की।
सीओ कोतवाली अंतरिक्ष जैन ने भी मौके पर जाकर जांच की। जिस कमरे में चोरी हुई, उसके बाहर भी सीसीटीवी कैमरा लगा था। इसमें कोई बाहरी आदमी आता जाता नहीं दिखाई दिया। पुलिस ने इरशाद से चोरी की तहरीर देने को कहा। पुलिस का मानना है, चोरी में घर का ही कोई सदस्य शामिल है। इसी कारण चोरी की तहरीर नहीं दी जा रही है।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह शाम को इरशाद के घर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। एसपी ने बताया कि उन्होंने इरशाद से तहरीर देने को कहा तो उन्होंने इंकार कर दिया। चोरी किसी घर के सदस्य ने ही की होगी, जिसके चलते तहरीर नहीं दे रहे हैं। पुलिस का दबाव बनने पर जेवरात वापस कर दिए।