डीएलएम को थाने ले आई टीम
इसके बाद विजिलेंस टीम डीएलएम को पकड़ कर थाने ले आई। वहीं डीएलएम व शिकायतकर्ता ठेकेदार के मोबाइल लेकर उनकी कॉल डिटेल निकलवाई। शिकायतकर्ता वन निगम के ठेकेदार जब्बार ने बताया कि जिस समय वह नरेंद्र कुमार को रिश्वत दे रहा था, तभी उसने कॉल रिकॉर्डिंग सुनाकर वन निगम के एकाउंटेट अनिल कुमार के हिस्से के 20 हजार रुपये देने की भी बात कही। लेकिन तभी टीम ने उन्हें पकड़ लिया। बताया गया कि टीम में प्रशासनिक अधिकारी व विजिलेंस टीम के अधिकारी रहे।
फफक कर रो पड़े नरेंद्र कुमार
शनिवार को जैसे ही विजिलेंस टीम ने डीएलएम को 77 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा तो वह फफक कर रो पड़े और जमीन पर बैठ गए। तभी विजिलेंस के सीओ दीपक त्यागी ने उनको उठाया और गाड़ी में बैठाकर परतापुर थाने ले आए। इस मौके पर एसपी विजिलेंस इंदु भी मौजूद रहीं।
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पिछले दो साल से तैनात थे डीएलएम
वन निगम के डीएलएम पद पर नरेंद्र कुमार पाल दो साल से तैनात थे और इन पर नौ जिलों का प्रभार था। दो ही साल इनकी सेवानिवत्ति के रह गए थे। शिकायतकर्ता ठेकेदार जब्बार ने बताया कि नरेद्र कुमार कमीशन 15 प्रसेंट लेते थे और एकाउंटेंट पांच प्रतिशत लेता था। वन निगम में कई ठेकेदार हैं जो सभी से लाखों का कमीशन ले रहे हैं।