सेंट्रल मार्केट में रोका गया ध्वस्तीकरण, सुबह 9 बजे फिर चलेगा हथौड़ा
661/6 कॉम्प्लेक्स के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही फिलहाल रोक दी गई है। शनिवार को करीब 5 घंटे चली ध्वस्तीकरण की कार्यवाही में कॉम्प्लेक्स का काफी हिस्सा तोड़ा गया। रविवार सुबह दोबारा जेसीबी का हथौड़ा चलेगा और कॉम्प्लेक्स के आगे के हिस्से को तोड़ा जाएगा। फिलहाल कॉम्प्लेक्स के सामने बैरिकेडिंग लगाकर बिल्डिंग को सील कर दिया गया है।
व्यापारियों ने कार्यवाही रोकने की मांग उठाई
661/6 कॉम्प्लेक्स के व्यापारियों ने आवास विकास परिषद के अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों से बात कर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को रोकने का आग्रह किया। व्यापारियों ने कहा कि औपचारिक रूप से बिल्डिंग को ध्वस्त कर दिया गया है, अब कार्यवाही रोक दी जाए।
ध्वस्तीकरण होता रहा, लोग बनाते रहे वीडियो
शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवन 661/6 के ध्वस्तीकरण लगातार चल रहा है। सुबह से ही लोग जुट रहे। मेन मार्केट में ध्वस्तीकरण के बाद गली में ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। इस दौरान लोग वीडियो बनाते रहे। नेताओं का भी जमावड़ा लगा रहा।
खंडहर में तब्दील हो रहा अवैध कॉम्प्लेक्स
जेसीबी चलनी शुरू होने के एक घंटे बाद ही अवैध कॉम्प्लेक्स खंडहर में तब्दील होना शुरू हो गया।
व्यापारी नेता बोले- हमने पूरे प्रयास किए, व्यापारी उजड़ गया
संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय मानने के लिए हम सब बाध्य हैं। मगर ये भी सच है कि व्यापारी उजड़ रहा है। हमने पूरे प्रयास किए। जनप्रतिनिधियों से लेकर मुख्यमंत्री तक से मिले, मगर सुप्रीम कोर्ट का आदेश है, क्या कर सकते हैं। हम असहाय महसूस कर रहे हैं। अब ये अध्याय समाप्त हो गया है।
ध्वस्तीकरण की कार्यवाही पर ड्रोन से भी की जा रही निगरानी
सेंट्रल मार्केट में कार्रवाई के दौरान ड्रोन से हर गतिविधि पर नज़र रखी जा रही है। इलाके में आसपास खड़ी भीड़ पर भी कैमरे की नजर है।
अवैध कॉम्प्लेक्स पर चलने लगी जेसीबी
सेंट्रल मार्केट में अवैध कॉम्प्लेक्स में बनी दुकानों पर जेसीबी चलनी शुरू हो गई है। इस दौरान अभी तक टीम को किसी विरोध का सामना नहीं करना पड़ा है।
ध्वस्तीकरण के लिए पहुंची जेसीबी
अवैध कॉम्प्लेक्स के ध्वस्तीकरण के लिए जेसीबी पहुंचते ही दुकानदारों के दिल की धड़कनें बढ़ गईं। उनके परिजन मौके पर ही रोने बिलखने लगे।
व्यापारियों और उनके परिजनों की भीड़ लगी
कार्रवाई के दौरान व्यापारी, उनके परिजन व रिश्तेदार मौके पर इकट्ठा हो गए। बाजार के अन्य व्यापारी भी आ गए।
अवैध कॉम्प्लेक्स का बिजली कनेक्शन काटा
सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से पहले बिजली काटी गई। विद्युत कर्मचारी ने खंभे पर चढ़कर अवैध कॉम्प्लेक्स का कनेक्शन काट दिया।
सेंट्रल मार्केट के चारों ओर की गई बैरीकेडिंग, रास्ते रोके
सेंट्रल मार्केट में फायर ब्रिगेड भी तैनात कर दी गई है। सेंट्रल मार्केट के चारों ओर के रास्तों को बैरिकेडिंग से बंद कर दिया गया है। बाजार भी पूरी तरह बंद है। पूरे क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है।
ये है पूरा मामला
आवास एवं विकास परिषद के दस्तावेजों में सेंट्रल मार्केट नाम से कोई बाजार नहीं है। स्कीम नंबर सात में शास्त्रीनगर सेक्टर-6 व 2 के तहत बाजार विकसित होता गया। यहीं पर 288 वर्ग मीटर का भूखंड संख्या 661/6 है, इसमें 22 दुकानें हैं। विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक वीर सिंह निवासी काजीपुर को भूखंड आवंटन हुआ। 30 अगस्त 1986 को कब्जा दिया गया। छह अक्तूबर 1986 को फ्री होल्ड डीड हुई, इसमें संपत्ति को आवासीय प्रयोग के लिए योजित किया गया। विनोद अरोड़ा के नाम पावर ऑफ अटॉर्नी हुई। इसके बाद 22 दुकानों का कॉम्प्लेक्स बना दिया गया। 19 सितंबर 1990 को आवास एवं विकास परिषद की ओर से कारण बताओ नोटिस भेजकर अवैध निर्माण रोकने को कहा गया। नौ फरवरी 2004 को आवंटित भूखंड का अवैध रूप से उपयोग किए जाने या वाणिज्यिक उद्देश्य के प्रयोग पर संपत्ति को हटाया जा सकता था। कॉम्प्लेक्स प्रबंधन की ओर से कोई जवाब दाखिल न करने पर 23 मार्च 2005 को ध्वस्तीकरण के आदेश पारित हुए। आदेश के बावजूद विभाग की ओर से कोई कार्रवाई न होने पर 17 दिसंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने ध्वस्तीकरण के आदेश दिया।
चार थानों की पुलिस तैनात
भवन ध्वस्तीकरण के दौरान चार थानों की फोर्स और एक कंपनी पीएसी तैनात की गई है। इसके अलावा अन्य थानों और पुलिस लाइन में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सुबह तक दुकानें खाली करते रहे व्यापारी
शुक्रवार को आवास एवं विकास परिषद की ओर से ई-रिक्शा के जरिए मनादी कराकर दुकानों को खाली कराने की चेतावनी दी थी। थानाध्यक्ष नौचंदी ईलम सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे और व्यापारियों से वार्ता की। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए दुकानें खाली करने को कहा था। शाम को कुछ व्यापारियों ने दुकानें खाली करनी शुरू कर दी। दुकान के सामान को अन्यत्र ले जाने की प्रक्रिया शनिवार सुबह तक चलती रही।
सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवनों में अवैध रूप से चल रहे शोरूम, मर्चेंट स्टोर, जिम, बैंक, रेस्टोरेंट, अस्पताल आदि भी ध्वस्तीकरण की जद में हैं। इस प्रकरण में आवास एवं विकास परिषद की ओर से 44 अधिकारियों और 20 व्यापारियों के खिलाफ हाल ही में थाना नौचंदी में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। विभाग की ओर से शनिवार को ध्वस्तीकरण की तैयारी की जा रही है।
शुक्रवार को आवास एवं विकास परिषद की ओर से दुकानदारों को अदालत के आदेश से अवगत कराते हुए दुकानें खाली करने को आगाह किया था। ध्वस्तीकरण के डर से कुछ दुकानदारों ने स्वयं ही दुकानें खाली करना शुरू कर दिया। ऐसे में उनकी आंखें नम हो गईं। अब इस मामले में 27 अक्तूबर को सुनवाई होनी है।
शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवन 661/6 में अवैध कॉम्प्लेक्स के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शनिवार सुबह शुरू हो गई। कॉम्प्लेक्स के सभी 22 दुकानदार अपनी दुकानों में ताले लगाकर बाहर बैठे हैं। उन्हें अब भी किसी चमत्कार की उम्मीद है। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात है।