बीते 16 जून सोमवार को वाहनों पर फास्टैग लगाने को लेकर भूड़बराल निवासी भाकियू नेता रितिन गुर्जर के भाई नितिन और चचेरे भाई जतिन का इंद्रापुरम कालोनी निवासी अवनीश, कपिल, राहुल सिरोही आदि से विवाद हो गया था। इसी दौरान अविनाश ने पिस्टल से नितिन और जतिन पर फायरिंग की दी थी। तीन गोलियां नितिन के पैर और एक गोली जतिन के हाथ में लगी थी। पुलिस ने रितिन की तहरीर पर अवनीश, कपिल, राहुल व दो अन्य के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कराया था। आठ दिन बाद भी हमलावर पकड़े नहीं गए।
पुलिस की ओर से अविनाश पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित करने की तैयारी थी, फाइल एसएसपी के पास पहुंच गई थी। सोमवार को इनाम घोषित करना था, मगर इससे पहले ही वह अविनाश ने न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया।
पुलिस को भी उसके सरेंडर करने की जानकारी मिली गई थी, काफी संख्या में पुलिस ने कचहरी में घेराबंदी की हुई थी, मगर उसने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। बाकी आरोपी अभी सरेआम घूम रहे है। रितिन गुर्जर पर रविवार शाम को भी हमला हुआ था।