उन्होंने बताया कि भीड़भाड़ वाले इलाकों और बस्तियों में कैंप लगाकर जांच शुरू की जाएगी। लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामप्रसाद ने बताया कि सभी अस्पतालों को स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए कुछ बैड आरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। जिले में संबंधित दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और निगरानी की जा रही है।
लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अजीत चौधरी ने बताया कि स्वाइन फ्लू एक मौसमी वायरल संक्रमण है, जिससे घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, कमजोर प्रतिरक्षा वाले, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की दी सलाह, हालात नियंत्रण में होने का दावा
स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षणों में खांसी, नाक बहना, तेज बुखार, गले में खराश और शरीर में दर्द शामिल हैं। सांस लेने में कठिनाई, पेरिफेरल ऑक्सीजन सैचुरेशन (एसपीओ-2) में गिरावट होती है। भ्रम की स्थिति होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉक्टर तनुराज सिरोही ने बताया कि संक्रमण से बचने के लिए बार-बार हाथ धोना और मास्क पहनना जरूरी है। संक्रमित व्यक्ति के छींकने या उसके कपड़ों के संपर्क में आने से भी संक्रमण फैल सकता है। घर लौटने पर कपड़े बदलना भी बचाव का एक महत्वपूर्ण तरीका है।