साल 2006 में भूटानी के खिलाफ कैलिफोर्निया में यह मुकदमा पंजीकृत हुआ था। नौ नवंबर 2021 को अमेरिकी सरकार ने इंटरपोल के जरिए टॉप-10 की सूची में शामिल भूटानी के वांटेड होने की रिपोर्ट भारत सरकार को दी गई थी। अगस्त 2022 में डीजीपी ने एसटीएफ को भूटानी की गिरफ्तारी का टॉस्क दिया था।
एएसपी एसटीएफ बृजेश सिंह के मुताबिक भूटानी बिल्डिंग गोविंदपुरी मोदीनगर निवासी रत्नेश उर्फ गोल्डी को आगरा स्थित हरिपर्वत थानाक्षेत्र के कैनरा बैंक परिसर रीजनल कार्यालय से गिरफ्तार किया गया है। भूटानी के खिलाफ अमेरिका से रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। उसे गिरफ्तार कर प्रत्यर्पण करने के लिए भारत सरकार से अनुरोध किया गया था। अमेरिकी सरकार उसे 16 साल तक तलाश करती रही, वहीं रत्नेश भूटानी भारत आकर यूपी के मेरठ में संपत्तियां जुटाता रहा। गिरफ्तारी के बाद उसे पटियाला कोर्ट में पेश किया गया। यहां से तिहाड़ जेल में भेज दिया गया। आगे पढ़ें कैसे अमेरिका की सरकार को धोखा देकर ऐश की जिंदगी जीता रहा दुष्कर्म का आरोपी।