शामली के झिंझाना में एसटीएफ ने एक लाख रुपये के इनामी समेत चार बदमाशों को मार गिराया था। इस दौरान बदमाशों की गोली लगने से इंस्पेक्टर सुनील कुमार बलिदान हो गए थे। बृहस्पतिवार को लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनील कुमार की पत्नी मुनेश को वीरता पुरस्कार सौंपा।
शामली के झिंझाना में एक-एक लाख रुपये के इनामी समेत चार बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिराने में अहम भूमिका निभाने वाले एसटीएफ के बलिदान हुए इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार मिला है। लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह पुरस्कार उनकी पत्नी मुनेश देवी को दिया। इस दौरान बेटा मंजीत व परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। सुनील कुमार को कीर्ति चक्र सम्मान 26 जनवरी 2027 को दिया जाएगा।
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इंस्पेक्टर मुन्नेश सिंह को पुरस्कृत करते सीएम।
- फोटो : अमर उजाला
इंचौली थाना क्षेत्र के मसूरी गांव निवासी सुनील कुमार उत्तर प्रदेश पुलिस की एसटीएफ शाखा में निरीक्षक के पद पर तैनात थे। 20 जनवरी 2025 की रात एसटीएफ मेरठ की शामली के चौसाना क्षेत्र में गंगोह मार्ग पर कार सवार बदमाशों से मुठभेड़ हो गई थी।
मुठभेड़ में मुनीम काला गैंग का शूटर एक लाख का इनामी अरशद, सोनीपत निवासी मंजीत उर्फ बिल्ला उर्फ जुबैर व करनाल निवासी सतीश व मनवीर मारे गए थे। मुठभेड़ के दौरान तीन गोली लगने से सुनील गंभीर रूप से घायल हो गए थे। 25 जनवरी को उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद सरकार ने उन्हें कीर्ति चक्र व वीरता पुरस्कार के लिए नामित किया था।
बुधवार को उनके परिवार के सदस्य लखनऊ पहुंचे। वहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनील कुमार की पत्नी मुनेश देवी को यह पुरस्कार दिया। पुरस्कार लेते समय उनकी आंखें नम हो गईं। सुनील कुमार के बेटे मंजीत ने कहा कि पिता को मिले इस सम्मान के लिए उनके पास शब्द नहीं है। उनका परिवार यह सम्मान पाकर खुश है। वह भी पुलिस में भर्ती होकर अपने पिता की तरह ईमानदारी से काम करना चाहते हैं।
लुटेरों की गोली से घायल हुए दरोगा मुन्नेश सिंह को राष्ट्रपति वीरता पदक
मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में हाईवे पर जनवरी 2023 में कार लूटकर भाग रहे बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़ हो गई थी। सीने में गोली लगने से दरोगा मुन्नेश सिंह घायल हो गए थे। बुधवार को दरोगा को राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया। लखनऊ में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें पदक प्रदान किया। मुन्नेश सिंह का नाम राष्ट्रपति पराक्रम पदक के लिए भी भेजा गया है। वर्तमान में वह मेरठ पुलिस लाइन में तैनात हैं।
आगरा के बहा तहसील क्षेत्र के मलिया खेड़ा गांव निवासी मुन्नेश सिंह वर्ष 1993 में पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। वर्ष 2011 में प्रोन्नति पाकर दरोगा बने थे। वर्ष 2022 में वह गाजियाबाद के मधूबन बाबूधाम थाने के प्रभारी रहे। इस दौरान पुलिस मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश राकेश दुजाना मारा गया था। इसके बाद वर्ष 2023 में दरोगा मुन्नेश सिंह की तैनाती मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र की हाईवे चौकी प्रभारी के रूप में हुई।
जनवरी 2023 में कार लूटकर भाग रहे बदमाशों से पुलिस की मुठभेड़ हो गई। बदमाशों ने मुन्नेश सिंह पर अवैध पिस्टल से तीन राउंड फायर किए थे। एक गोली उनके सीने में लगी और वह घायल हो गए थे। दो महीने तक उनका अस्पताल में उपचार चला था। पुलिस ने बदमाशों पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। घटना के चार दिन बाद पुलिस मुठभेड़ में विनय वर्मा मारा गया था। उसके दो साथी अनुज व नरेश पैर में गोली लगने से घायल हो गए थे।